मम्मी की बुर फैला कर लंड रगड़ा पापा के सामने – Crazy Sex Story


मम्मी की बुर फैला कर लंड रगड़ा पापा के सामने

2020 Rishto Me Chudai, Mom Son XXX, हैल्लो मेरे प्यारे दोस्तों, आप लोगों की तरह मैं भी पिछले कुछ सालों से सेक्स कहानियों को पढ़कर उनके मज़े ले रहा हूँ. और आज मैं अपनी एक कहानी आप तक लाया हूँ, यह मेरी पहली कहानी है अतः मेरी किसी भी गलती के लिए मुझे माफ़ करे. कहानी शुरु करने से पहले मै अपने और अपने परिवार के बारे में बताना चाहूंगा. मेरा नाम अमित (age -18) है और मै अपने मम्मी मीना (age – 38) और पापा राजेश (age – 40) के साथ इंदौर शहर में रहता हूं. मम्मी की बुर फैला कर लंड रगड़ा पापा के सामने.

मेरे पापा एक pwd ऑफिसर है और मम्मी गृहणी है. हमारा पूरा परिवार खुले विचारों वाला है और हम सब एक दूसरे से एकदम फ्रैंक रहते हैं खासकर की मै और पापा. हां तो अब कहानी पे आते है – मैं उस दिन अपने मम्मी पापा के साथ उनके कमरे में सो गया था क्योंकि मेरे कमरे का A.C काम नहीं कर रहा था. कुछ देर सोने के बाद अनायास ही मेरी नींद खुल गई और मै दूसरी तरफ करवट लेकर लेट गया.

तभी थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि पापा उठकर मम्मी के पैरों के बीच में बैठ गये और उनके पैरों को पकड़कर उनके टखनो को चूमने और चूसने लगे. मम्मी अपने पैरों को पीछे खीचना चाह रही थी, लेकिन पापा ने उनको बहुत ज़ोर से पकड़ रखा था, इसलिए वो ऐसा नहीं कर पाई, अब पापा ने मम्मी के दोनों टखनो को बारी बारी से चूमा और चूसा फिर उठकर मम्मी की कमर के पास जाकर बैठ गए.

अब पापा ने मम्मी के पैरों को फिर जांघो को सहलाना शुरू कर दिया और फिर अचानक से मम्मी का पेटिकोट खींच कर निकाल फेंका. और फिर अपना हाथ बड़े प्यार से मम्मी की चूत पर फेरने लगे और धीरे धीरे अपने हाथ को ऊपर की तरफ ले जाने लगे. अब उनका हाथ मम्मी की कमर तक पहुंच गया था और वह कमर पर बड़े प्यार से हाथ फेरने लगे, साथ उनकी कमर को चूमने भी लगे, उनकी नाभि को भी किस करने लगे.

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मैं आंखे चुराकर ये सब देख रहा था और मजे ले रहा था। अब पापा ने अपने एक हाथ को मम्मी की चूत के ऊपर रख दिया और दूसरे हाथ से मम्मी के बूब्स को पकड़कर धीरे धीरे दबाने लगे. मम्मी ने थोड़ा बहुत विरोध किया लेकिन फिर भी पापा नहीं माने और उनके बूब्स से खेलते रहे और बाद में उनकी ब्लाउज उतार दिया और फिर उनकी ब्रा को भी उतार दिया. मम्मी उनको रोकती रही लेकिन फिर भी पापा उनके बूब्स को अपने मुहं में भरकर चूसने लगे.

उसके बाद उन्होंने मम्मी को उल्टा लेटने के लिए कहा, चूंकि अब मम्मी भी गरम हो चुकी थी. तो उन्होंने ज्यादा विरोध नहीं किया और उल्टी लेट गयी और पापा उनकी नंगी पीठ को सहलाने लगे. और कुछ देर बाद अपना हाथ बढ़ाकर उनके बूब्स को पीछे से ही मसलने लगे और अपना मुहं नीचे की तरफ ले जाकर उनकी कमर और कूल्हों पर चुम्मा देने लगे. चूंकि अब मम्मी पूरी तरह से नंगी हो गयी थी.

तो अब पापा ने भी अपनी शॉर्ट और अंडरवियर को उतार फेंका और मम्मी के पैरों को फैला दिया और उनकी चूत को अपने हाथों से मसलने लगे. और अपनी उंगली उनकी चूत में डालकर अंदर बाहर करने लगे. पापा मम्मी की चूत में तब तक उंगली करते रहे, जब तक मम्मी की चूत से पानी नहीं निकाल गया. और इसके बाद पापा मम्मी की खुली हुए जांघों के बीच में पोज़िशन बनाकर अपने लंड (पापा का लंड लगभग 6 इंच का है) को उनकी चूत पर रख दिया, और अपनी कमर को हिलाकर अपने लंड को मम्मी की चूत के अंदर डाल दिया.

अब मम्मी भी अपनी कमर उचकाकर पापा का लंड अपनी चूत की गहराई में लेने की कोशिश करने लगी. पापा भी झटके मार मारकर मम्मी को चोदना शुरू कर दिया. मैं पास में लेटा हुआ फिर भी पापा मम्मी को पूरा जोर लगाकर लंबे लंबे धक्के देकर चोद रहे थे (जिस कारण बिस्तर भी हिल रहा था). इतनी जबरदस्त चुदाई से मम्मी भी अब बहुत गरम हो चुकी थी. तो वो सीधा लेट गई और अपने दोनों पैरों को उठाकर हाथो से पकड़ लिया जिससे उनकी चूत और भी खुल कर बाहर आ गई, जिसे पापा गहरे और जोरदार झटको के साथ चोदने लगे.

थोड़ी देर बाद मम्मी का छुटने लगा और वो अपने होंठो को भींच कर अपनी आवाज़ को दबाने की नाकामयाब कोशिश करने लगी. तभी पापा ने मुझे जागते हुए देख लिया और बोले अमित तुम अभी तक सोए नहीं? (मम्मी यह सुनकर डर गई और तुरंत अपने आप को चद्दर से ढक लिया.) मैं बोला कि अचानक से नीद खुल गई, तो उन्होंने पूछा क्यों? तो मैं भी मासूम बनने की कोशिश करते हुए बोला कि आप मम्मी के साथ पता नहीं क्या कर रहे हो?

तो पापा ने हंसते हुए पूंछा क्यों तुमको भी करना है? मैंने भी दबी जबान में हाँ कर दी और वो मुझसे पूछने लगे क्यों अमित तुमने अपनी मम्मी से सुंदर औरत कभी देखी है? मैं चुप रहा, पापा कहने लगे कि मैं बहुत किस्मत वाला हूँ कि मुझे इतनी सुंदर और सेक्सी औरत मिली. अब तक पापा ठीक तरीके से बोल रहे थे, लेकिन इसके बाद वो जो बोले उसके लिए मै तैयार नहीं था. पापा कहने लगे कि तुम्हारी मम्मी एकदम टॉप क्लास माल है, इसे चोदने के लिए कॉलोनी के सभी लोग तरसते है और इसके मस्त बूब्स और चिकनी चूत देखकर कोई भी पागल हो जाए.

अब पापा मम्मी से बोले जानेमन चद्दर थोड़ा ऊपर करो, थोड़ा हम बाप बेटे को अपनी जवानी तो दिखाओ. अरे बेटे से क्या शरमाना, अब इतना भी मत शरमाओ बहुत दिनों से तुम पूरी तरह से नंगा नहीं देखा है, अरे इसे भी अपनी जवानी दिखा दो ना. मम्मी भी अब बेशरम होना चाह रही थी. पर इस समय एक बाप अपनी पत्नी को अपने 18 साल के जवान बेटे के सामने नंगी करना चाह रहा था जिस कारण मम्मी थोड़ी हतप्रभ भी थी।

अब पापा मम्मी से बोले तेरे बेटे ने अभी तक कोई नंगी लड़की या औरत नहीं देखी होगी, इसी के लिए हो जा जानेमन. अब मम्मी चकित होकर पापा की तरफ देखने लगी कि आज वो ये कैसी बातें बोल रहे है? मम्मी ने कोई भी जवाब नहीं दिया, वो एकदम चुप रही. लेकिन पापा उनसे बोलते रहे थे, साली हमारे सामने नंगी हो जाएगी तो घट नहीं जाएगी, हटा ये चद्दर और हम बाप बेटे को तेरी जवानी देखने दे.

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अब मम्मी पापा को देखे जा रही थी और पापा उनके शरीर को घूर रहे थे. जब मम्मी मुझे देखने लगी, दोस्तों मेरे पापा को अभी भी यह नहीं पता था कि मैं मम्मी की चूत देखना तो क्या चोद भी चुका हूँ. तब मै मम्मी से इशारे में हाँ बोला, जिसके बाद मम्मी ने धीरे से चद्दर की गांठ को ढीला किया और चद्दर को धीरे धीरे नीचे सरका दिया. और हम लोगों को मम्मी के बूब्स दिखाई देने लगी, लेकिन पापा तब भी खुश नहीं थे.

और वो मम्मी से बोले कि मीना पूरी नंगी हो जाओ और उन्होंने मम्मी के ऊपर से चद्दर खींच कर हटा दी और उन्हें बिल्कुल नंगी कर दिया. मुझे पापा के ऊपर बहुत हैरानी हो रही थी कि आज वो मम्मी को कैसे यह सब करने के लिए बोल रहे है? तभी पापा मुझसे बोले देख बेटे तेरी मम्मी क्या मस्त माल है? तुम इतने मोटे और गोल गोल बूब्स कभी नहीं देखे होंगे, तुमने तो बस बचपन में इसको दबाया और इसका दूध पिया होगा. “मम्मी की बुर फैला”

लेकिन इसको ऐसे दबाने और मसलने में ज्यादा मज़ा आता है, और मुझे जलाने के लिए पापा बोले लेकिन तुम इसको कैसे दबाओगे, तुम तो बेटे हो? और बेटे को मम्मी के बूब्स नहीं दबाने चाहिए. दोस्तों मैं अपनी मम्मी को पापा के सामने नंगी देखकर बहुत गरम हो गया था, और मेरा लंड भी खड़ा हो गया था और मेरी बरमूडा से बाहर आने की कोशिश कर रहा था. मै अपना पैर मोड़कर अपने खड़े लंड को दबा रहा था, लेकिन पापा की कहानी अभी तक खत्म नहीं हुई थी.

उन्होंने मम्मी से कहा, रानी अब ज़रा अपनी चूत भी दिखा दो, इस पूरी दुनिया में तुम्हारी चूत से सुंदर कोई चीज़ नहीं है. मम्मी ने पापा की बात मानते हुए अपने पैरों को धीरे धीरे फैलाना शुरू कर दिया जिस से उनकी चूत पूरी तरह से खुलकर मेरे सामने आ गयी. अब मम्मी भी काफी गरम हो गई थी तो वो अपनी चूत मसलने लगी। मम्मी की ये हरकत देख पापा मंद मंद मुस्कुराने लगे तभी पापा मुझसे बोले अपनी मम्मी के पैरों को और भी फैलाओ, इससे तेरी मम्मी की बुर पूरी तरह से खुल जाएगी.

मैंने पापा की बात को मानते हुए मम्मी के पैरों को और भी फैला दिया. लेकिन पापा इससे संतुष्ट नहीं थे, वो खुद मेरे पास आकर बैठ गये और मम्मी के एक पैर को पकड़कर उन्होंने और भी फैला दिया. मैं भी पापा के साथ मिलकर मम्मी के दूसरे पैर को खींच लिया. अब मम्मी के पैर करीब पूरे तरह से खुल गए थे और हम लोगों को उनकी चूत के अंदर भी साफ साफ दिख रहा था. इन सब से मै बहुत गरम हो गया और मैंने पापा से पूछा कि पापा क्या मैं मम्मी की चूत छू लूं?

थोड़ी देर सोचने के बाद पापा बोले ठीक है तू सिर्फ़ एक बार अपनी मम्मी की इस मस्तानी और रसीली चूत को छू सकता है. पापा की बात को सुनते ही मैंने अपना एक हाथ अपनी मम्मी की चूत पर रख दिया. मैंने उनकी चूत को सिर्फ़ छुआ ही नहीं बल्कि उनकी चूत के दाने को अपने हाथ से रगड़ा और उनकी चूत के होंठो को भी अपनी उंगली से खींचा भी. जिसकी वजह से मम्मी उस समय बहुत छटपटा रही थी, लेकिन पापा की पकड़ बहुत मजबूत थी, इसलिए मम्मी अपनी जांघों को बंद नहीं कर पाई. “मम्मी की बुर फैला”

मैंने अपनी एक उंगली भी मम्मी की चूत के अंदर भी डाल दी, लेकिन सिर्फ़ एक उंगली से मम्मी की चूत का कुछ नहीं हुआ था. इसलिए मैंने दो और उँगलियों भी उनकी चूत में डाल दी और उन्होने चूत के अंदर बाहर करने लगा. दोस्तों मैं करीब दस मिनट तक अपनी मम्मी की चूत को अपनी उँगलियों से चोदता रहा, हम दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था. इसलिए बिना पापा से पूछे मैंने मम्मी की रसीली चूत पर अपना मुहं रख दिया, जिसकी वजह से मम्मी बहुत छटपटाई.

लेकिन मै उनकी चूत के अंदर अपनी जीभ डालकर उनकी चूत के हर हिस्से को चाटता और चूसता रहा. मैं करीब 15 मिनट तक उनकी चूत चूसता और अपनी उँगलियों से चोदता रहा. जिस वजह से मम्मी जल बिन मछली के जैसे छटपटाने लगी और उनकी चूत ने पानी छोड़ दिया, झड़ते ही मम्मी ने अपनी जांघें बंद कर ली. पापा ने मम्मी को कपड़े पहन लेने के लिए कहा लेकिन मम्मी बोली रहने दो ना रमेश बाद में पहन लूंगी और वो उठकर किचन में पानी पीने चली गई.

इसके बाद मैं और पापा कमरे में बैठकर टी.वी. देखने लगे. उस समय पापा सोफे पर बैठे हुए थे और में कुर्सी पर बैठा हुआ था. थोड़ी देर बाद मम्मी नंगी ही कमरे में आई जिसे देख कर मै और भी गर्म हो गया और पापा से बोला कि पापा मैंने मम्मी की चूत का तो मज़ा ले लिया है, लेकिन अभी तक उनकी मस्ताने बूब्स नहीं दबाए. क्या मै इनको थोड़ा सा दबाकर और चूसकर इनका मज़ा ले लूँ?

और पापा के कुछ कहने के पहले ही मैंने अपनी नंगी घूम रही मम्मी को अपनी गोद में खींचकर बैठा लिया. मम्मी मेरी गोद में मेरी तरफ मुहं करके और अपने दोनों पैरों को मेरे दोनों तरफ करके बैठ गयी. तभी पापा मुझसे बोले बेटे आज तुम्हारे पास सही मौका है पूरा मज़ा ले लो, लेकिन देखो चोदना मत और चाहे जो कुछ भी कर लो, क्योंकि तू बेटा और यह तेरी मम्मी है और इसलिए तू अपनी मम्मी को चोद नहीं सकता, नहीं तो तू मादरचोद कहलाएगा, हाँ ऊपर ऊपर जो कुछ भी करना है कर ले.

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दोस्तों मुझसे इतना कहकर पापा एक बार फिर से टीवी देखने में व्यस्त हो गए. और हम लोग एक दूसरे को चूमने लगे और एक दूसरे के शरीर पर हाथ फेरने लगे. अब मैंने कुछ देर बाद मम्मी को गांड से पकड़कर थोड़ा सा ऊपर उठाया और अपने 6.5 इंच के कड़क लंड को बरमूडा से बाहर निकल लिया, जिसे मम्मी ने तुरंत पकड़कर अपनी चूत से सटा दिया. मेरा लंड जैसे ही चूत के मुहं पर गया तो मैंने अपनी कमर को हिलाकर उसको चूत के अंदर कर दिया.

और लंड चूत के अंदर जाते ही मम्मी ने एक चैन की लंबी सांस ली और अपने कूल्हों को उठा उठाकर वो धीरे मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर बाहर करने लगी. हम मम्मी बेटे बहुत ही चिपककर बैठे थे और पापा के रहते ही चुदाई कर रहे थे. जब भी पापा हम लोगों को देखते तो मै उनको मम्मी के बूब्स को या तो दबाते या चूसते हुए दिखता. अब हम लोग अपनी चुदाई को धीरे धीरे चला रहे थे और इसलिए पापा को कुछ समझ नहीं आया और उनके सामने ही में मम्मी को चोदता रहा और मम्मी मुझसे चुदवाती रही. “मम्मी की बुर फैला”

थोड़ी देर बाद मै और मम्मी दोनों झड़ गए और मम्मी तुरंत उठकर बाहर चली गयी. मैं भी अपना बरमूडा सही कर पापा के पास बैठ गया और उन्हें इस बात का धन्यवाद दिया की उन्होंने मुझे अपनी बीवी के साथ ये सब करने का मौका दिया. पापा ने मेरी पीठ थपथपाई और बोले – बेटा यह बात बाहर किसी से ना कहना नहीं तो बहुत बदनामी होगी। लेकिन मै अभी भी पूरी तरह खुश नहीं था मैं पापा के सामने उनकी बीवी यानी मेरी मम्मी की चूत चोदना चाहता था.

मैंने पापा से कहा कि पापा मैंने मम्मी को पूरा नंगा देखा भी और उसकी चूत का मज़ा भी थोड़ा बहुत लिया है, लेकिन मेरे लंड को कोई मजा नहीं मिला, इसलिए में एक बार अपने लंड को मम्मी की चूत पे रगड़ना चाहता हूँ. दोस्तों पापा पहले तो नहीं माने लेकिन मेरे कई बार कहने के बाद वो मान गये और बोले कि ठीक है, तू अपना लंड अपनी मम्मी की चूत के ऊपर ऊपर रगड़ सकता है, लेकिन में फिर से कहता हूँ कि चोदना मत नहीं तो तू मादरचोद कहलायेगा.

इतना सुनते ही मैंने झट से उठकर अपना टी-शर्ट और बरमूडा उतार दी और एकदम नंगा हो गया. लेकिन मेरा लंड अभी खड़ा नहीं था, क्योंकि अभी आधे घंटे पहले ही मैंने मम्मी को अपनी गोद में बैठाकर चोदा था. मम्मी इस वक़्त कमरे में ही बिस्तर पर अर्धनिद्रा में नंगी लेटी थी मैंने मम्मी को जगाकर पूछा कि चुदाई क्या होती है? मम्मी मेरे पास आई और अपने हाथों से मेरे लंड को पकड़कर सहलाने लगी थोड़ी ही देर में उनके हाथों का स्पर्श पाकर मेरा लंड खड़ा हो गया.

फिर मम्मी ने अपने एक पैर कुर्सी पर रख दिया और अपने हाथों से मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत पर रगड़ते हुए बोली, जब लंड चूत के अंदर जाता है तो उसे चुदाई कहते है. दोस्तों इस वक़्त मम्मी मेरा लंड अपनी चूत पर जोर जोर से रगड़ रही थी. तो मैंने अपने लंड मम्मी की चूत में ढकेलने की कोशिश की तो मम्मी मेरा लंड छोड़ मेरे सामने बैठ गयी. और मेरा लंड पकड़ पापा को दिखाते हुए अपने मुहं में भर कर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी, और मै अपनी मम्मी से अपने पापा के सामने लंड चुसवाता रहा. “मम्मी की बुर फैला”

थोड़ी देर बाद मुझे एहसास हुआ कि अब मै झड़ने वाला हूँ तो मैंने अपना लंड बाहर खींचना चाहा, लेकिन मम्मी ने मेरा लंड और भी कसकर पकड़ लिया और मै मम्मी के मुहं के अंदर ही झड़ गया. मेरे झड़ने के बाद मम्मी ने अपना मुहं खोला तो मैंने देखा कि मम्मी के मुहं के अंदर मेरे लंड से निकला गाढ़ा गाढ़ा सफेद पानी जमा हुआ है. जिसे वो पापा को दिखाते हुए पी गयी और कुछ बूँद जो उनके मुहं से टपककर बूब्स पर गिर गई थी उनको मम्मी ने अपने बूब्स पर मल लिया.

पापा यह सब देख मुस्कुरा रहे थे तो मैंने भी अपने कपड़े पहनते हुए पापा को धन्यवाद किया, और कहा जब लंड को चूत पर रगड़ने पे और चुसवाने में इतना मज़ा आता है तो पूरा लंड चूत में डालने में कितना मज़ा आएगा पापा? पाप आप एक बार मुझे मम्मी को चोदने दो, मै वादा करता हूँ कि मैं मम्मी को सिर्फ़ एक बार ही चोदूंगा. पापा बिल्कुल चुप बैठे रहे और फिर मै पापा के पास बैठ गया और उनके पैर दबाने लगा. और थोड़ी देर के बाद पापा बोले कि बस बहुत हो गया, अब जाओ और सो जाओ.

मैं पापा के पैरों को छोड़ते हुए कहा पापा मेरा लंड पहले ही चूस चुकी है और अपनी चूत से रगड़ भी चुकी है, अब आप मुझे उसकी चुदाई भी करने दो, में किसी को नहीं बोलूँगा कि मैंने अपनी मम्मी को चोदा है. पापा ने मेरी बातों पर कुछ नहीं कहा. मैंने पापा से कई बार कहा लेकिन उन्होंने मना कर दिया. लेकिन तभी मेरी मम्मी भी मेरे सपोर्ट में आ गई और बोली कि रमेश क्या हमेशा अकेले अकेले मजे लेते रहोगे अरे बेटा अब बड़ा हो गया है, अब उस भी थोड़े मजे लेने दो.

और फिर तुम ही तो कहते हो सेक्स रिश्ते में मजबूती लती है तो इससे हम मां बेटे का रिश्ता और मजबूत हो जायेगा, और फिर मै तुम्हारी कोई जांगीर नहीं हूं। इतना सब सुनने के बाद पापा हमारी बात मान गये और बोले कि ठीक है, तू अपनी मम्मी को एक बार चोद सकता है, क्योंकि लगता है तेरी मम्मी भी तुझसे चुदने के लिए बेताब है जा चढ जा अपनी मम्मी पर और डाल दे अपना मूसल अपनी मम्मी की चूत में. “मम्मी की बुर फैला”

इतनी बात सुनते ही मैं मम्मी पर चढ गया, कमरे में लाईट जल रही थी और उस लाईट में मम्मी का नंगा शरीर चमक रहा था. मैंने सबसे पहले मम्मी की चूत को जमकर चूसा फिर उनकी चूत और गांड को अपनी उंगली से चोदा जिससे मम्मी बहुत गरमा गयी और उन्होंने अपने हाथों से मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत से सटा दिया. और मैंने अपना लंड कमर के एक झटके के साथ अंदर डाल दिया.

मेरा लंड मम्मी की चूत के अंदर जाते ही मम्मी मुझसे लिपट गयी और बड़बड़ाने लगी. थोड़ी ही देर में मम्मी मेरे हर धक्के का जवाब अपनी कमर उछाल उछालकर दे रही थी और पापा को दिखाते हुए वो खूब मज़े ले रही थी. अब हम बिस्तर पर लेट गए और मम्मी ने अपना एक पैर ऊपर उठाकर घुटनों से मोड़ लिया और अपने घुटने को हाथ से पकड़ लिया. ऐसा करने से उनकी चूत पूरी खुल गयी और मुझको धक्का मारने के लिए बहुत जगह मिल गई.

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मम्मी मुझसे चुदते हुए बोली ओहह्ह्ह बहुत अच्छे साले मादारचोद, चोद साले चोद मम्मी की चूत को धक्के मार मारकर चोद, वाह तेरा लंड बहुत मस्त है मार धक्का और ज़ोर से ऊऊऊह्ह्ह्हह हाँ ऐसे ही मारते रह, आआआहह बस में अब झड़ने वाली हूँ, तू धक्का मार और ज़ोर ज़ोर से मार रुकना मत मादरचोद. थोड़ी देर के बाद मम्मी झड़कर लेट गयी, लेकिन मेरे लंड ने अभी तक पानी नहीं छोड़ा था तो मै मम्मी को पूरा ज़ोर लगा कर चोदता रहा और उनके बूब्स को मसलता रहा.

मम्मी मुझसे बोल रही थी, उफफ्फ्फ्फ़ आह्ह्हह्ह्ह्ह अब बस कर मुझे बहुत जलन हो रही है, अब इसे बाहर निकल ले. लेकिन मैंने धक्के देना बंद नहीं किया पर थोड़ी देर के बाद मैं झड़ गया और अपना लंड बाहर निकाला लिया. मैंने देखा कि मम्मी उस समय मुझ से चुदवा कर बहुत खुश थी और पापा भी उस समय उनके पास में लेटे मुस्कुरा थे और बहुत खूब लग रहे थे. थोड़ी देर बाद पापा बोले क्यों अमित चुदाई में मज़ा आया? “मम्मी की बुर फैला”

मै पापा से बोला कि हाँ पापा मम्मी की चुदाई करने में बड़ा मज़ा आया, अब हम लोग घर में माँ को नंगा ही रखेंगे. मेरी बात को सुनकर पापा हंसते हुए मुझसे बोले तुमको अपनी माँ के शरीर इतना पसंद आ गया? मैंने पापा से कहा कि किसको इतनी मस्त बूब्स और चूत पसंद नहीं आयेंगी ? अब तो मैं हर रोज मम्मी की चूत मारूँगा, मैंने मम्मी से पूछा क्यों मम्मी मुझसे चुदवा कर मज़ा आया कि नहीं? मम्मी सच सच बोलना मैंने ठीक तरीके से तुमको चोदा कि नहीं?

तो वो मेरे मुरझाए हुए लंड को अपने हाथों से सहलाते हुए बोली कि बेटे तुमसे चुदवा कर बड़ा मज़ा आया. आज सालो बाद मेरी चूत को इतना मज़ा आया है बड़े दिनों के बाद भरपेट लंड का धक्का खाया है. तेरा लंड बहुत मस्त और तगड़ा वाला है इसने मेरी चूत को पानी पानी कर दिया और यह चूत आज से अब तुम्हारी है, तुम्हें जब भी मन करे चोद लेना, ना में कुछ कहूँगी और ना ही तेरे पापा कुछ कहेंगे. हाँ एक और बात जब भी मेरी चूत को तेरे लंड की ज़रूरत होगी मै तेरे लंड अपनी चूत को खिलाऊँगी, तब मना मत करना.

थोड़ी देर के बाद हम सब गहरी नींद में सो गए (मै और मम्मी तो नंगे ही सो गए) और जब मेरी आँख खुली तो सवेरे के 5.00 बज रहे थे. मैं चुपचाप जाकर मम्मी के बगल में लेट गया और उनको बिना जगाए ही मैंने अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया. लंड का एहसास मिलते ही वो जाग गयी और वो मुझसे बोली बेटे खाली लंड अंदर डाले रहो, धक्का मत मारना. मैंने भी उनकी बात मानते हुए अपना लंड चूत के अंदर डालकर लेट गया और थोड़ी थोड़ी देर के बाद हल्का हल्का सा धक्का भी मारने लगा. “मम्मी की बुर फैला”

सुबह सुबह मम्मी की चूत बिल्कुल सुखी और टाईट महसूस हो रही थी जैसे कि किसी कुवारी लड़की की चुत हो. मम्मी अपना एक बूब्स मेरे मुहं में डाली और मेरा मुंह और गला चाटने लगी, उस समय मैं उनको बहुत धीमी ताल में देकर चोद रहा था, तो मै करीब आधे घंटे बाद झड़ गया और मम्मी उठकर बाथरूम चली गयी. उसके थोड़ी देर बाद पापा नीद से उठे और मम्मी से बोले, रानी एक बार अपने बेटे का लंड चूसकर दिखा दो हमारा ज़रा मनोरंजन हो जाएगा.

मम्मी तो इसके लिए हमेशा तैयार रहती है, तो वो तुंरत मेरे सामने ज़मीन पर बैठ गयी और मेरा मुरझाया हुआ लंड अपने मुहं में भरकर चूसने लगी. उनके मुहं की गर्मी से मेरा लंड थोड़ी ही देर में ही खड़ा हो गया. जैसे ही मेरा लंड खड़ा हो गया पापा मुझसे बोले चलो अब अच्छे बच्चे की तरह अपनी मां को चोदना शुरू करो. मै भी पापा की बात मानते हुए मम्मी को पीछे से झुकाकर अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया और उनके दोनों कूल्हों को पकड़कर ज़ोर ज़ोर से धक्के मारकर उनको चोदने लगा.

और वो भी अपनी कमर को हिला हिलाकर मेरा लंड अपनी चूत के अंदर बाहर करने लगी। मम्मी ज़ोर ज़ोर से बडबडा रही थी हाँ आह मार बेटे मार अपनी मम्मी की चूत मार, आहहह्ह्ह्ह अपने पापा के सामने अपनी मम्मी को चोद, फाड़ डाल ओह्ह्हह्ह्ह्ह आहहह्ह्ह्ह मेरी चुत आह अब मै झड़ने वाली हूँ बेटे, अब रुकना नहीं और तेज़ी से धक्के मार मेरी चूत में. मम्मी की आवाज़ दबाने के लिए पापा ने अपना खड़ा लन्ड मम्मी के मुंह में डाल दिया और उनका सिर पकड़ कर अपना लंड मुंह के अंदर धकेलने लगे.

लगभग 30 min बाद मै पाप और मम्मी तीनों झड़ गए और हांफते हुए बिस्तर पर लेट गए. पापा भी अपनी बीवी की चुदाई देखकर बहुत खुश थे तो वो बोले – तेरा बेटा तेरी अच्छी चुदाई करता है, जब मन करे तब तू अपने बेटे से चुदवा लिया करना. इसके बाद मम्मी कपड़े पहनने ही वाली थी कि पापा बोले मीना याद नहीं कल रात तेरे बेटे ने क्या कहा था अब हम तुम्हे नंगा ही रखेंगे so no clothes. तो मम्मी नंगी ही घर के काम करने बेडरूम से बाहर चली गई.

इस के बाद मै और पापा सो गए और लगभग सुबह 9 बजे जागे. हम लोगो के फ्रेश होने के बाद पापा बोले आज सन्डे है तो क्यू न एक राउंड और हो जाए इस पर मै खुश होते हुए बोला की पापा इस बार क्यू ना मम्मी को थोड़े अलग तरीके से चोदा जाय. मै और पापा ये सब डिस्कस कर ही रहे थे कि तभी मम्मी रूम में आ गई और बोली कि किस अलग तरीके से चोदने की बात हो रही हैं. अभी पता चल जाएगा मेरी जान इतना कहते ही पापा ने मम्मी को अपनी गोद में खींच लिया और मुझसे बोले अब बता बेटा कैसे चोदना चाहता है अपनी मम्मी को. “मम्मी की बुर फैला”

मै बोला रुको बताता हूं और फिर मै बेड पर लेट गया और मम्मी को अपने ऊपर खींच अपना लंड उनकी गांड पर सेट किया और अचानक एक जोरदार धक्का मरा. मम्मी चीख पड़ी और बोली मादरचोद धीरे डाल मैं कोई रंडी नहीं हूं. मैंने मम्मी को सॉरी बोला और धीरे धीरे उनकी गान्ड चोदने लगा फिर पापा से कहा कि पापा अब आप अपना लंड मम्मी की चूत में डालो. यह सुनते ही मम्मी गिड़गिड़ाने लगी और बोली प्लीज़ ऐसा मत करो मै एक साथ दो लंड नहीं ले पाऊंगी.

पर पापा कहां मानने वाले थे वो बोले चुप साली रंडी कैसे नहीं ले पाएगी अब तो तुझे लेना ही होगा. और इतना कहते ही पापा न मम्मी की चूत में अपना लंड पेल दिया दर्द के कारण मम्मी की आंखो में आंसू आ गए तो हम लोग रुक गए और दर्द काम होने का इंतजार करने लगे और मम्मी को किस करने लगे. थोड़ी देर में मम्मी का दर्द काम हो गया तब मै और पापा ताल मिला कर धक्के मार कर चोदने लगे.

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और अब मम्मी को भी मज़ा आने लगा थोड़ी देर बाद पापा ने मम्मी को तड़पने के लिए अपना लंड उनकी चूत से निकाल लिया. जिस पर मम्मी लगभग बड़बड़ाते हुए बोली भड़वे लंड वापस अंदर डाल अभी तो मजा आना शुरू हुआ था. जिस पर पापा बोले क्यों अभी तो बोल रही थी कि नहीं ले पाएगी और अब 2 लंडो से चुदवाने के लिए मरी जा रही है. और हम बाप बेटे पूरे जोश से मम्मी को चोदने में लग गए. करीब 15-20 मिनट बाद हम तीनों झड़ गए और थक कर बिस्तर पर लेट गए.

थोड़ी देर बाद मैंने पापा से पूंछा की पापा आपने क्या सोच कर कल मुझे वो सब करने दिया. जिस पर पापा ने जवाब दिया कि तेरी मम्मी की चुत की खुजली बढ़ती ही जा रही थी ,और अपने काम की वजह से मै तेरी मम्मी को बिस्तर पर ज्यादा समय नहीं दे पा रहा था. जिस वजह से तेरी मम्मी को डिल्डो और दूसरे साधनों का प्रयोग करने को मजबूर थी जिससे मुझे बहुत बुरा लग रहा था, तो मैंने इस बारे में तेरी मम्मी से बात की और तेरा नाम suggest किया.

क्योंकि एक तो हम किसी बाहरवाले को include करने में डर रहे थे. कि कहीं वो ये बात बाहर फैला न दे जिससे हमारी बहुत बदनामी होती या हमें ब्लैकमेल ना करने लगे. और दूसरा इससे तेरी मम्मी को जब भी लंड की जरूरत होगी तो उन्हें तेरा लंड मिल जाएगा और साथ मेरी cuckold और threesome फैंटेसी भी पूरी हो जाएगी. तेरी मम्मी भी तेरा नाम सुन कर तुरंत मान गई (क्योंकि मम्मी मुझसे पहले भी चुदवा चुकी थी) और इस तरह मैंने और तेरी मम्मी ने मिल कर रात वाला पूरा ड्रामा प्लान किया. “मम्मी की बुर फैला”

इसी प्लान के तहत मैंने तुम्हारे कमरे का A.C जानबूझकर बिगाड़ा ताकि तुम हमारे कमरे में सो जाओ और फिर तुम्हारे सोने के बाद जोर जोर से चुदाई करने लगे जिस से तुम जाग जाओ. इसके आगे की कहानी तुम जानते ही हो. वैसे एक बात बताओ काल रात की हमारी एक्टिंग कैसी लगी तुम्हे. ये सब बाते सुन मै सन्न रह गया और मम्मी पापा मुझे देख हंसते हुए बोले क्यों एक्टिंग अच्छी नहीं लगी थी क्या और हम सब हंस दिए.

तभी मम्मी बोली और हा अब वो सारे mom son पोर्न विडियोज डिलीट कर दे अपने कंप्यूटर से. मै खिसियाते हुए बोला आपको इसके बारे में कैसे पता वो बोली हमने तेरा कंप्यूटर देखा था. तेरा mom son पोर्न में इतना intrest भी तुझे इस चुदाई के खेल में include करने का एक कारण था. इस दिन के बाद से घर का पूरा माहौल ही बदल गया और मम्मी को कभी भी लंड की कमी महसूस नहीं हुई.

दोस्तों आपको ये मम्मी की बुर फैला कर लंड रगड़ा पापा के सामने कहानी मस्त लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे……………….

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