Maa Ki Pyasi Yoni – कामुक माँ की योनी का स्वाद चखा 1


Maa Ki Pyasi Yoni

नमस्कार दोस्तो मेरा नाम समीर है और प्रस्तुत हूं आपके समक्ष अपने जीवन का नया अनुभव लेकर. ये घटना आज से 15 दिन पहले घटित हुई है और ये अब तो रोज़ कि बात है. कहानी पे आने से पहले मैं थोड़ा अपना परिचय करवा दूं. मेरा नाम समीर है मैं हिमाचल प्रदेश का निवासी हूं और मेरी उम्र 20 साल है. और मेरे लन्ड का माप ७”२ इंच है ये घटना मेरे और मेरी मां पायल के साथ घटित हुई है. Maa Ki Pyasi Yoni

दोस्तो मेरी मां पायल ३६ साल कि एक बहुत खूबसूरत महिला है उनके जिस्म का साइज 34 – 30 – 36 है। उनकी शादी काफी छोटी उम्र में हो गई थी इसी कारण वो इतनी जवान है. साथ ही साथ हम पहाड़ी इलाके में रहते है तो आपको अंदाजा होगा ही की पहाड़ी औरते कितनी सुंदर होती है. मेरे घर में सिर्फ मैं और मां रहते है पापा का देहांत 6 साल पहले हो गया था.

इससे मां काफी अकेली रहने लगी और उदास भी लेकिन वो कभी नहीं जताती। उस समय मैं 14 साल का था फिर समय के साथ मैं बड़ा होता गया और जिम्मेदारी संभाली. हमारे सेब के कई बाग है सो पैसे कि चिंता ही नहीं थी। मेरे मन में मां के लिए कोई ग़लत विचार नहीं थे. लेकिन उस दिन के बाद कुछ ऐसा हुआ कि हम मां बेटे संसार के सारे बंधनों को तोड़कर हमबिस्तर होने लगे. और मैं जिस मां कि योनि से जन्म लिया उसी योनि का स्वाद ले रहा था।

दोस्तो हुआ कुछ ऐसे कि वो 30 दिसंबर कि सुबह थी और ठंड कुछ ज्यादा ही थी. मां अपने कमरे में बैठी कुछ काम कर रही थी मैं उनसे बोला मां कुछ खाने को बना दो काफी भूख लगी है. मैंने ध्यान दिया कि मां थोड़ी उदास थी. मैंने कुछ पूछा नहीं और कमरे में आ गया फिर मुझे याद आया कि आज से 3 दिन पहले ही पापा मरे थे. तो अनुमान से मुझे यही लगा कि मां पापा को याद कर रही यही थी.

फिर मां किचन मे कुछ खाने को बनाने चली गई मैंने पीछे से उनके पास गया और पूछा क्या हुआ मां आपको पापा कि याद आ रही है? तो उनके आंखो से आंसू छलक गए और वो मुझसे लिपट कर रोने लगी. जैसे ही मां मेरे सीने से लगी मुझे तेज झटका लगा क्यूंकि मां के स्तनों का स्पर्श मेरी छाती से हो रहा था. लेकिन मैंने मां को संभाला और उन्हें बिस्तर पर ले गया मां रोए जा रही थी.

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मैंने कैसे भी मां को चुप कराया तो उन्होंने बताया आज ६ साल हुए पापा को गुज़रे और फिर रोने लगी. मैंने उन्हें सांत्वना देकर बोला मां रो मत मैं हूं ना. वो मेरी तरफ देखकर बोली हां बेटा अब तू ही तो मेरा सहारा है, लेकिन तू सब कुछ तो नहीं कर सकता. मुझे समझ नहीं आया कि ऐसा क्या है जो मां ये कह रही है मैं सबकुछ नहीं कर सकता. मैंने मां से पूछा मां मैं क्या सबकुछ नहीं कर सकता?

मां ने कहा रहने दे तू नहीं समझेगा, उनके आंखो से अभी भी आंसू चू रही थे. मैंने कहा बताओ ना मां. तो उन्होंने कहा उन्होंने कई अरमान पाले थे और उनके ढेरो सपने थे लेकिन पिता जी के देहांत के बाद सब खत्म. तो मैंने मां से पूछा मां साफ साफ बताओ मैं ठीक से नहीं समझा. तो मां टालने लगी लेकिन मेरे जोर देने पे उन्होंने मुझे कहा बेटा मैं भी एक औरत हूं, और मेरी भी कुछ ज़रूरतें है लेकिन तेरे पिता के जाने के बाद सब खत्म हो गया।

मैं अब समझा की मां क्यों बोल रही थी तू सबकुछ नहीं कर सकता. तो मैंने उनके हाथो को अपने हाथ में लेते हुए बोला तो क्या आप इसी वजह से परेशान होती हो. तो उन्होंने हां में सिर हिला दिया और जाने लगी मैं भी कुछ नहीं बोला और सोच में पड़ गया। मैंने सोचा मां अभी काफ़ी जवान है और उन्हें सेक्स कि इच्छा होती है लेकिन वो कुछ नहीं कर पाती. फिर मैंने सोचा कि मैं अगर कुछ मदद करूं.

लेकिन मैंने सोचा कि मैं ऐसे कैसे कर सकता हूं मां बुरा मान जाएगी. लेकिन मैंने फिर सोचा मां इस वजह से इतना परेशान हो रही है तो मुझे उनसे बात करनी चाहिए। सारा दिन इसी सोच में बीत गया रात में मैंने सोचा आज इस संबंध में मां से बात कि जानी चाहिए. क्योंकि जब से मुझे मेरे मां के स्तनों का स्पर्श मिला मुझे काफी बेचैनी हो रही थी. और मैं सोच रहा था कि एक बार अपनी चाची से सलाह कर लू क्यूंकि वो मुझसे सेट थी लेकिन बदकिस्मती से वो कहीं बाहर गई थी।

फिर मैं और मां खाना खा के सोने जाने वाले थे ठंड बहुत जोरों से पड़ रही थी सो मैं खाने के बाद सीधे मां के रूम में गया. और उनसे बोला मां आपसे कुछ बात करनी है. वो रजाई में बैठते हुए बोली आओ बैठो मैं बैठ गया. फिर मैंने उनसे बोला मां एक ज़रूरी बात करनी है आप डाटेंगी तो नहीं? तो मां ने कहा नहीं बोल. मैंने कहा मां सुबह आपने मुझे बताया था कि पापा के जाने के बाद आपकी शारीरिक ज़रूरतें पूरी नहीं हो पा रही.

जिस वजह से आप काफी दुखी रहती है तो मुझसे आपकी परेशानी देखी नहीं जाती अगर आप कहें तो मैं इस काम में आपका साथ दूं। मां मुझे कुछ क्षणों तक देखती रही फिर बोली बेटा मैं समझ सकती हूं आपको मेरी बहुत फिक्र है. लेकिन मैं तेरी मां हूं और मां बेटे के बीच ये नहीं हो सकता. समाज में पता चल गया तो कितनी बदनामी होगी मेरी ज़िन्दगी जैसे है रहने दे. तो मैंने उनका हाथ अपने हाथ में रखते बोला.

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लेकिन मां आपको परेशान देखकर मुझसे रहा नहीं जाता, और रही बात किसी के पता चलने की तो ये बात सिर्फ हमारे आपके बीच रहेगी. इसपर मां बोली बेटा तू मेरी कितनी फिक्र करता है और तेरी बात सही है, लेकिन बेटा मुझे माफ़ करदे. मैंने पूछा मां कैसी माफी मां ने बताया वो किसी गैर मर्द से संभोग करने का सोच रही थी. लेकिन ये सोचना उनकी बड़ी भूल थी ये बोलकर उन्होंने नज़रे झुका ली.

मैं उनसे थोड़ा सटते हुए बोला मां आप ये क्या करने जा रही थी, घर कि बात घर में रहे ये ज्यादा अच्छा है. तो उन्होंने कहा हां बेटा तू सही बोल रहा है. किसी गैर मर्द के साथ संबंध बनाने से अच्छा अपने बेटे से ही संबंध बनाऊं, आखिर तू भी तो उनका ही खून है. मैंने कहा तो मां क्या आप तैयार है? तो उन्होंने कहा हां पर हमारे बीच जो हो रहा है उसका पता बाहर नहीं चलना चाहिए क्यूंकि हमारी बहुत बदनामी होगी.

तो मैं उनके और पास आते बोला मां मैं आपसे वादा करता हूं, कि आपके और मेरे बीच जो कुछ भी होगा वो किसी को नहीं पता चलेगा। मां ने अपनी नज़रें झुका ली मैं समझ गया मैं मां के और करीब आ गया. और उनके चेहरे को अपने हाथों में लेकर अपने पास किया. मैंने देखा मां के गाल शर्म से गुलाबी हो गए थे उनकी नज़रें अभी भी झुकी थी. मैंने एक नजर उनके सुंदर चेहरे को देखकर उन्हें बिस्तर पर लेटा दिया.

फिर मैं उनके ऊपर आकर उनके नर्म गुलाबी होंठो पर अपने होंठ रख दिया और चूमने लगा. मां भी कुछ समय बाद मेरा साथ दे रहीं थी. लेकिन वो अभी भी शरमा रही थी, और मुझे कस कर पकड़ रखा था. मैं उनके नर्म होंठो को लगातार चूसे जा रहा था मुझे बहुत आनंद आ रहा था. मां भी अपनी जीभ मेरे मुंह में डाल कर घुमा रही थी हम दोनों एक दूसरे कि आखों में खोए हुए थे. धीरे धीरे मेरे शरीर में उत्तेजना बढ़ रही थी.

फिर मैंने धीरे मां के ब्लाउस खोल कर हटा दिया मां ने ब्लैक कलर कि ब्रा पहनी हुई थी. जो उनके गोरे स्तनों पर खूब जच रही थी. मैंने फिर मां कि साड़ी भी निकाल दी अब मां सिर्फ ब्रा पैंटी में थी. फिर मैंने मां कि ब्रा भी खोल दी अब उनकी गोरी चूचियां आज़ाद थी. मां के स्तनों का माप 34 है इस वजह से वो काफी बड़े थे. मां के स्तन एकदम टाईट थी मैं मां के राइट साइड आ गया. और उन्हें अपनी तरफ खींच कर उनका स्तन मुंह में लेके चूसने लगा.

मां के निप्पल हल्के गुलाबी थे मैंने एक निप्पल अपने मुंह में दबाया और फिर एक हाथ से उनके चूतड़ों को मसलने लगा. मां ने भी अब शर्म छोड़ दी थी और वो एक हाथ मेरे बरमूडा में डाल दूसरे हाथ से मेरे बाल फेर रही. फिर मैंने मां को सीधा कि और उनकी चूत के पास नाक लगा कर सूंघने लगा. मां की चूत से मदहोश करने वाली खुशबू आ रही थी. चूत की खुशबू से मेरा लिंग भी तन गया था.

फ़िर मैंने अपनी मां कि पैंटी उतार दी मां की योनि हल्की गुलाबी रंगत लिए हुई थी. मैंने उनकी योनि की फांकों को अलग किया और उनकी योनि में एक उंगली डाल कर अंदर बाहर करने लगा. लेकिन ये काफी कठिन था क्यूंकि मां की योनि में 6 साल से कोई लंड नहीं गया था तो वो काफी कसी थी. लेकिन मैंने उंगली डाल ही दी थी फिर मैं थोड़ा तेजी से उंगली अंदर बाहर करने लगा. मेरे ऐसा करने से मां चिहुंक गई और कसमसाने लगी.

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लेकिन वो अब भी थोड़ा शरमा रही थी, सो मैं उनके ऊपर आ कर उनकी आंखो मे आंखें डाल कर उनके होंठ पीने लगा. थोड़ी देर में मां का शरीर अकड़ने लगा मैं जान गया मां की चूत पानी छोड़ रही है. मैंने तुरंत वक्त नहीं बर्बाद करते हुए उनकी चूत में मुंह लगा दिया और उनकी चूत से निकलता सफेद गाढ़ा पानी चाटने लगा. मुझे उसका स्वाद काफी पसंद आया. आज मैं अपनी मां कि योनि का स्वाद चखकर काफी संतुष्ट महसूस कर रहा था. “Maa Ki Pyasi Yoni”

फिर मैंने मां कि टांगो को चौड़ा किया फिर अपनी जीभ उनकी चूत कि फांकों में फंसा दिया और चाटने लगा. जहां तक मेरी जीभ जा रही, मेरे ऐसा करने से मां ज़ोर से छटपटाने लगी. और उनके मुंह से तेज तेज सिसकारियां निकाल रही थी. वो बोल रही थी आह बेटा क्या कर रहा है आह उफ्फ ऑ आहह बेटा धीरे आह उंह आह. मुझे पता चल गया मां ने कभी अपनी चूत नहीं चटवाई है, तभी उन्हें इतना मज़ा आ रहा है.

मैंने ये सोच और कस कर उनकी चूत चटनी शुरू कर दी. मां की आहें तेज हो गई वो लगातार आह ऊंह उफ्फ बेटा आह समीर अहह धीरे कर आह उफ़ की आवाज़ें निकाल रही थी. कुछ ही देर में उनका पानी निकाल गया. मैंने उनका चेहरा देखा उनका शरीर पसीने से भीगा था लेकिन उनके चेहरे पे संतुष्टि के भाव थे. फिर मैं उनके बगल लेट गया मां भी मेरे करीब आ गई और मेरा बरमूडा और शर्ट निकाल कर मुझे नंगा कर दी.

फिर वो मुझसे चिपक गई और एक हाथ से मेरा लन्ड पकड़कर हिलाने लगी. फिर मैंने उन्हें बैठने को बोला और अपना लन्ड खड़ा कर दिया और उनके मुंह के पास ले जाकर चूसने को कहा. तो वो मेरे लिंग का आकर देखकर डर गई और पूछी बेटा ये कितना बड़ा है? मैंने कहा मां 7 इंच. फिर उन्होंने पूछा बेटा ये कैसे जाएगा मुंह में? मैंने कहा मां आप डालो तो सही मुंह में. मां ने मेरे लौड़े के ऊपर से चमड़ी हटाई.

तो उन्हे आश्चर्य हुआ कि मेरी चमड़ी पूरी पीछे तक जा रही है. तो उन्होंने पूछा बेटा क्या तूने किसी और के साथ कभी संबंध बनाए है? तो मैंने हां में सिर हिलाया. उन्होंने पूछा किसके साथ? मैंने कहा अपनी चाची के साथ. ये सुनकर मां के चेहरे पे एक मुस्कान आयी और बोली बहुत बड़ा हो गाय है तू. मै भी मुस्कराया फिर उन्होंने धीरे से मेरा लिंग अपने मुंह में लिया और धीरे धीरे वो लौड़ा अंदर बाहर करने लगी. “Maa Ki Pyasi Yoni”

फिर कुछ ही समय में वो काफी अच्छे से मेरे लिंग को चूसने लगी. अब मेरा लिंग एकदम कड़क हो गया था और वो बहुत गरम भी हो गया था. मेरे लिंग कि नसें तन गई फिर मै धीरे धीरे मां के मुंह में धक्के मारने लगा. मां भी बहुत अनुभवी थी वो मेरे लौड़े को गले तक भर कर अंदर बाहर कर रही थी. ऐसे करनें से मेरा लिंग खूब तन गया और मै झड़ने वाला था. मैंने मां का सिर पकड़ लिया और तेजी तेजी धक्के देने लगा.

थोड़ी देर में ही वीर्य कि पिचकारी मां के मुंह में भर गई मां ने सारा वीर्य पी कर लंड साफ कर दिया. अब हम दोनों काफी थक गए थे तो एक दूसरे कि बाहों मे बाहें डाल लेट गए. फिर थोड़ी देर में मां ने मेरा लन्ड फिर से तैयार कर दिया. और बोली बेटा बस और इंतज़ार मत करवा 6 साल से इस पल के लिए तड़प रही हूं आजा मेरी प्यास बुझा दे. तो मैंने उन्हें मिशनरी पोजीशन में कर उनकी टांगो को चौड़ा किया.

और उनकी चूत पर थोड़ा थूक लगा अपना लिंग घिसने लगा. फिर मैं अपना लिंग उनकी चूत मे डालने लगा लेकिन चूत काफी टाइट होने कि वजह से जा नहीं रहा था. सो मैंने अपना लन्ड एडजस्ट कर उनकी चूत पर टिकाया. और मां की कमर पकड़कर कस के एक धक्का लगाया तो लगभग आधा लिंग मां की चूत मे घुस गया. मां दर्द से छटपटाने लगी मैंने अपना लन्ड निकाला और इस बार फिर एडजस्ट करके एक ज़ोरदार झटका दिया. “Maa Ki Pyasi Yoni”

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इस बार मेरा लिंग मां की योनि को चीरते हुए पूरा अंदर तक घुस गया. मां अब दर्द से बहुत छटपटा रही थी और उनके आंख से आंसू भी निकाल आया था. मैं कुछ देर वैसे ही रहा फिर जब मां को थोड़ी राहत मिली. तो उन्होंने मुझे इशारे किया जिससे मैंने धीरे धीरे लंड अंदर बाहर करना शुरू किया. और सोचने लगा कि पिताजी भी मां को ऐसे ही चोदते होंगे. ये सोचकर मेरे अंदर एक उत्तेजना आई.

जिससे मैंने मां कि कमर पकड़ कर तेज तेज धक्के देने लगा. मैं मां कि आंखो मे आंखे डाल कर धक्के मार रहा था मां को भी आनंद आ रहा था. और वो मुझे और तेज धक्के मारने बोल रही थी. मैंने फिर तेजी से अपना लन्ड सटासट उनकी चूत मे अंदर बाहर करना शुरू कर दिया. सच बताऊं दोस्तो मुझे उस वक्त इतना मज़ा आज रहा था अपनी मां को चोदते की मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता.

मां की वो आहें उनकी वो कसी हुई चूत उनके रसीले स्तन कुल मिलाकर मेरी मां एक सेक्स कि देवी थी. मैं उनके इस जिस्म को खूब भोग रहा था और अपनी वासना शांत कर रहा था। मैं लगातार मां की चूत मे धक्के लगा रहा था. मां की आहें बढ़ती जा रही थी मां लगातार आह उफ्फ उहं उमाह कि आवाज़ें निकाल रही थी. उनकी आहों से मुझमें जोश बढ़ रहा था और मैं और कस कर उनकी चूत मार रहा था.

करीब 15 मिनट कि चुदाई की बाद मैंने ढेर सारा वीर्य मां की योनि में भर दिया और हांफते हुए उनके बगल लेट गया. इतनी सर्दी मे भी मेरे पसीना आ रहा था ये मां की घमासान चुदाई का ही फल था. मां ने मुझे अपने सीने से लगा लिया मैं भी उनकी बाहों मे समा गया. फिर मैंने मां से पूछा मां कैसा लगा? मां ने एक हाथ मेरे चेहरे पे फेरते हुए बोली बेटा तूने आज जो मेरी चुदाई की है, मेरी जन्मो कि तड़प मिटा दी तेरे पापा भी कभी तेरे जैसे मेरी प्यास नहीं मिटा पाएं. “Maa Ki Pyasi Yoni”

ये सुनकर मेरी आंखों मे चमक आ गई और मैं कस के मां से लिपट गया. तो मां ने कहा बेटा अब तू जब चाहे तब मेरे साथ सेक्स कर सकता है. क्यूंकि तेरे लंड ने मेरी प्यास पूरी तरह से मिटा दी है तू जब चाहे मेरी टांगे चौड़ी कर सकता है. आज से हम मां बेटे नहीं है पति पत्नी है अब तू जब चाहे मेरे साथ कुछ भी कर सकता है. ये सुनकर मैं खुश हो गया और उनके साथ लिपलॉक करके स्मूच करने लगा.

फिर मैंने मां को मेरा लौड़ा खड़ा करने बोला तो मां ने जल्द ही मेरा लौड़ा फिर तैयार कर दिया .इस बार वो ज्यादा ही सख्त था तो मैं सीधे लेट गया और मां से कहा कि वो मेरे लंड के ऊपर बैठ जाएं. मां ने भी अपनी चूत मे लिंग को एडजस्ट कर लिया और लिंग अपने योनि मे अंदर तक समा लिया. उनके मुंह से हल्की हल्की आहें आ रही थी. अब उन्होंने अपनी कमरे हिलाना शुरू कर दिया और मेरे लिंग के ऊपर थोड़ी जगह छोड़कर मेरे लौड़े पे कूदने लगी.

मां के स्तन तेजी से बाउंस हो रहे थे मैंने दोनों स्तनों को पकड़ लिया. मां अब और तेज लौड़े पे कूदने लगी फिर वो रुक गई तो मैंने अपने ऊपर लिटा लिया और फिर नीचे से अपनी कमर हिला कर उनकी चूत मारने लगा. मैंने काफी स्पीड से उनकी चुदाई कर रहा था और साथ ही साथ उनके होंठो का रस भी पी रहा था. अब मैंने मां को अपने लंड पर उलटा बैठने को बोला और उनके साथ रिवर्स काउगर्ल पोजीशन में आ गया.

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अब मैं मां कि कमर को पकड़ लिया और उन्हें थोड़ा ऊपर उठाकर दनादन उनकी चूत मे लंड डालने लगा. धक्के इतने तेज थे कि पूरे कमरे में बिस्तर चरमराने कि आवाज़ गूंज रही थी. इस बार मैं काफी समय तक मां को चोदता रहा. फिर तकरीबन 25 मिनट बाद अपना गरम लावा उनकी चूत मे गिरा दिया। इस राउंड के बाद मां संतुष्ट हो गई और उन्हें थकान भी लगने लगी. तो मैंने भी ज़बरदस्ती नहीं कि और हमदोनो नग्न ही एकदूसरे कि बाहों में बाहें डाल सो गए। “Maa Ki Pyasi Yoni”

अगले सुबह जब मेरी आंख खुली तो मैं नग्न ही बिस्तर पर पड़ा था और मां किचन मे ही थी. मैंने उन्हें पीछे से गले लगा लिया वो भी मुड़ कर मेरे होंठो पे एक किस देते हुए गुड मॉर्निंग बोला. फिर मैंने जल्दी से नहा धो कर नाश्ता किया. और मां के लिए जल्दी से पास के मेडिकल स्टोर से गर्भनिरोधक टैबलेट ला के उन्हे दे दिया. मां ने टैबलेट खा लिया फिर वो मुझसे बोली बेटा मैं किसी भी तरह का रिस्क नहीं चाहती.

इसलिए आज ही चल हॉस्पिटल ताकि मैं नसबंदी करा लूं. मैं उन्हे ले पास के अस्पताल गया और वहां उन्होंने अपनी योनि में एक कॉपर टी लगवा ली इससे 10 साल तक कि छुट्टी रहती। 2 घंटे में सब काम हो गया फिर मैं मां को घुमाने ले गया. मां अब काफी खुश थी और मैं भी उन्हें देख काफी खुश था। दोस्तों फिर तो मैं अपनी मां पायल के साथ रोज़ हमबिस्तर होता और अपनी मां को खुश करता.

भले ही समाज हमारे इस रिश्ते को ना माने लेकिन मैं अपनी मां के लिए कुछ भी करूंगा. अगले भाग में आपको मेरे और मेरे मौसी के साथ सेक्स कि कहानी पता चलेगी. की कैसे मैंने अपनी मां कि मदद से अपनी जवान मौसी के साथ सेक्स का आनंद उठाया और कैसे हमने थ्रीसम सेक्स किया। दोस्तो अलविदा लेने से पहले ये ज़रूर कहूंगा की अगर आपको भी अपनी मां के साथ सेक्स की इच्छा है तो इसे बिना डरे पूरी कीजिए.

क्यूंकि ये सारे रिश्ते नाते समाज ने बनाएं है ताकि लोग कुछ सीमाओं मे रहे. वरना पुराने समय में हर मां अपने बेटे और पति दोनों का बिस्तर गरम करती थी, और बहनें अपने भाई कि माशूका होती थी। मेरी समझ मे इसमें कोई बुराई नहीं कि आप अपनी मां के साथ सेक्स करे खासकर अगर उन्हें इसकी ज़रूरत हो. क्यूंकि अपनी मां कि रसीली चूत का जो आनंद है वो कहीं और नहीं मिलेगा। मिलता हूं आपसे अगले भाग मे तब तक के लिए अलविदा। “Maa Ki Pyasi Yoni”

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