Mausi Ki Naram Chut – कामुक माँ की योनी का स्वाद चखा 3


Mausi Ki Naram Chut

दोस्तों पिछले भाग में आपने जाना कि कैसे हम मां बेटे सुखपूर्वक एक दूसरे के जिस्म को भोगकर मज़े से रह रहे थे. लेकिन मेरी अनामिका मौसी के आने के कारण इसमें व्यवधान उत्पन्न होने लगा. तो मैंने सोचा क्यूं ना अपनी अनामिका मौसी कि चूत का भी स्वाद लेलूं. और प्लान के मुताबिक मैंने उन्हे अपनी और मां कि चुदाई पिछले भाग कामुक माँ की योनी का स्वाद चखा 2 में दिखाई थी जिससे वो गरम हो जाएं अब आगे। Mausi Ki Naram Chut

दोस्तो अगली सुबह जब मैं सो कर उठा तो मैंने देखा मौसी अपने कामों मे व्यस्त थी. और उन्हे देखकर बिल्कुल भी नहीं लग रहा था कि उन्होंने हमारी काम क्रीड़ा देखी हो. एक बार को मुझे लगा क्या सही मे मौसी ने कुछ नहीं जाना. पर मैंने तो वो सारे इंतजाम किए थे जिससे उन्हे सब पता लग जाए इसी बात को सोचते हुए मैं उनके पास गया और बोला गुड मॉर्निंग मौसी. तो उन्होंने भी मुस्कुराते हुए गुड मॉर्निंग बोला.

मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था और मैं काफी कंफ्यूज था. तो मेरे मन में विचार आया अगर सच मे मौसी ने कुछ नहीं देखा तो कोई बात नहीं. क्यूंकि अब मैंने उन्हे कैसे भी चोदने का मन बना लिया था। इसी उधेड़बुन में मैंने नाश्ता किया और अपने एक दोस्त के घर चला गया. फिर मैं करीब 11:30 बजे अपने घर वापस आ गया और मां को खोजने लगा. लेकिन मुझे वो कहीं दिखाई नहीं दी तो मैंने मौसी को आवाज़ लगाई.

उस समय वो नहाने जा रही थी तो मैंने उनसे पूछा मौसी मां कहां है? तो उन्होंने कहा है वो अपनी एक दोस्त के घर पे है बोलकर वो नहाने चली गई. और मैं सोचने लगा कि मौसी को कैसे चोदूं तभी मैंने सोचा कि यही सही मौका है. जैसे ही मौसी नहा के निकलेंगी तभी मैं उनसे इस बारे में कहूंगा क्यूंकि अब मुझे मौसी चाहिए थी. चाहे साम दाम दण्ड भेद कुछ भी क्यूं ना लगाना पड़े और मैं बाथरूम में घुस गया और नहा कर तैयार हुआ।

मां अभी तक नहीं आईं थी मैं सीधे मौसी के कमरे में गया मौसी उस समय कपड़े पहन चुकी थी और बाल झाड़ रही थी. मैं गया और उन्हे पीछे से पकड़ कर स्मूच करने लगा. तो मौसी मेरे इस व्यहवार से चौंक गई और बोली समीर तू ये क्या कर रहा है? तो मैंने उन्हे अपनी तरफ घुमाया और उन्हे दीवार से सटा दिया फिर उनके करीब आ कर बोला मौसी मैं आपको बहुत पसंद करता हूं और आपके साथ सेक्स करना चाहता हूं.

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तो उन्होंने गुस्से से बोला कमीने ये तू क्या बोल रहा है. तो मैंने उनके दोनों हाथ पकड़ लिए और बोला प्लीज़ मौसी मान जाओ प्लीज़. तो उन्होंने मुझे हटाते हुए कहा “क्या दीदी से मन भर गया जो मेरे पास आ गया”. मैंने भी बात बनाते हुए बोला ये आप क्या बोल रही है मौसी? तो उन्होंने मुझे हिकारत से घूरते हुए बोला ज्यादा भोला मत बन साले मैंने कल रात को सब देख लिया है. तुझे शर्म नहीं आई अपने मां के साथ सेक्स करते हुए.

तो मैंने उन्हे समझाते हुए बोला कि मौसी वैसी बात नहीं है आप समझ नहीं रही तो. उन्होंने कहा सब समझती हूं मैं तू एक नंबर का कमीना है बोलकर मुझे देखने लगी. तो मैंने उन्हे कहा मौसी मेरी बात तो सुनो. तो वो और गुस्सा हो गईं और बोली अब और क्या सुनने बाकी है कुत्ते. तो मैंने उन्हे शुरू से लेकर अबतक कि सारी बात बताई (मां का सेक्स के अभाव में गुमसुम और उदास रहना, किसी गैर मर्द के साथ संबंध बनाने का सोचना, फिर मेरे और उनके बीच सहमति से बने यौन संबंध).

इतना सब बताने के बाद मैंने उन्हे कहा अब आप ही बताइए मैंने क्या कुछ ग़लत किया? अब मौसी के आंखो में आंसू थे उन्होंने कहा समीर मुझे माफ़ करदे मैंने बिना कुछ जाने तुझे क्या क्या कहा, लेकिन तू ही बोल क्या अपने मां के साथ संबंध बनाना सही है? तो मैंने उन्हे कहा तो क्या ये सही होता कि मां किसी गैर मर्द के नीचे होती, और आखिर ये सम्बन्ध हमारी आपसी रजामंदी से बना है.

और रहीं बात मेरे मां के साथ सेक्स करने कि तो मैं भी पापा का खून हूं. तो बेहतरी इसी मे थी के किसी गैर मर्द कि जगह मां मेरे साथ सेक्स करती और घर कि बात घर में रहती। ये सुनने के बाद मौसी ने मेरा हाथ पकड़ कर कहा बेटा तू ठीक कह रहा है, लेकिन तू मेरे साथ क्यूं सेक्स करना चाहता है ऐसा क्या है मुझमें. तो मैं उनके पास आया और उनके चेहरे को उठाया और उनके आंसू पोछते हुए बोला.

अनामिका आप बहुत ही सुन्दर हो एक परी कि तरह और मैं जब भी आपको देखता हूं मेरी धड़कने तेज हो जाती है. आपकी इन नशीली आंखों में मैं डूब सा जाता हूं और आपकी ये कमर जब आप चलती है तो इसे देखकर मेरे सीने में आग लग जाती है. आप हुस्न कि मल्लिका है और आप पूछती है क्या है आपमें. ये बोलकर मैं उनकी तरफ देखने लगा अपनी इतनी तारीफ सुनकर वो बोलीं समीर आज से पहले किसी ने मेरी इतनी तारीफ नहीं कि.

ना ही तेरे मौसा ने क्या मैं सच में इतनी सुन्दर हूं? तो मैंने उन्हे शीशे की तरफ किया और बोला आप खुद ही देख लो. तो मौसी हंसने लगी और नज़रें झुका ली. फिर मैंने उनसे कहा मौसी मुझे नहीं करना आपके साथ सेक्स मैं थोड़ा बहक गया था, और मेरी वजह से आपके आंखो में आंसू आए इसके लिए मैं माफ़ी मांगता हूं. क्यूंकि मैं आपके आंखो में आंसू नहीं देख सकता और उनके पैर पकड़ लिए.

और सच बताऊं आपको तो मुझे खुद थोड़ी देर के लिए अपनी करनी पर पछतावा हुआ। मौसी ने मुझे अपने कदमों से उठा लिया और गले लगाकर बोली समीर तू मेरे पैर मत पकड़ ये कहकर उन्होंने मुझे कस कर गले से लगा लिया. फिर वो बोलीं की ठीक है मैं तैयार हूं पर दीदी को कुछ नहीं पता चलना चाहिए. तो ये सुनकर मुझे खुद पर घिन आने लगी कि मैंने अपनी भोली मौसी को अपनी मां के साथ मिलकर अपनी वासना का साधन बनाना चाहा.

फिर मैंने उन्हे कहा मौसी मुझे माफ़ कर दो. तो मौसी ने कहा अब किस बात कि माफ़ी बेटा? तो मैं उन्हे किसी धोखे में नहीं रखना चाहता था सो मैंने उन्हे सब बता दिया कि कैसे मैंने मां के साथ जानबूझकर सेक्स किया ताकि उन्हें फंसा सकूं. और ये भी बताया कि मां सब जानती है इस बारे में बोलकर मैं चुप हो गया। मौसी कुछ देर तो मुझे देखती रही फिर बोली समीर अगर तू मेरे साथ सेक्स करने को इतना ही उतावला था.

तो मुझसे एक बार कहा होता तो मैं ज़रूर तेरी मदद करती आखिर मैं ना समझती तो और कौन समझता. लेकिन तूने धोखे से मुझे फंसाने कि सोची लेकिन मैं फिर भी तुझे माफ़ करती हूं, क्यूंकि तूने मुझे सारी सच्चाई साफ साफ बता दी। ये सुनते ही मैं दोबारा उनके कदमों में गिर गया और उनके पैरों पे अपना सिर रख दिया. तो मौसी ने कहा अरे उठ उठ पागल हो गया है क्या मैं समझती हूं जवानी में ऐसी गलतियां हो जाती है तो शर्मिंदा मत हो.

और सुन आज रात को मैं तेरे कमरे में आऊंगी तैयार रहना. तो मैंने जैसे ही बोलने के लिए मुंह खोला तो मौसी ने एक उंगली मेरे मुंह पे रखते कहा बस बस अब चुप रह रात में मिलते है. और जाने लगीं जाने से पहले मैंने उन्हे गले लगा लिया उन्होंने ने भी मुझे गले लगा लिया अब बस रात का इंतज़ार था। कुछ ही देर में मां आ गईं उस वक्त 1 बजने वाले थे. मां थोड़ी घबराई सी लग रही थी और आते ही सीधे अपने कमरे में चली गईं.

तो मैं उनके पीछे पीछे गया और पूछा मां क्या हुआ कुछ परेशान हो. तो उन्होंने कहा हां समीर अभी कुछ देर पहले मेरी फ्रेंड का फोन आया था. वो बता रही थी कि उनके पति को हार्ट अटैक आया है और वो अस्पताल में है. फिर उन्होंने कहा उनकी फ्रेंड ने उन्हे अर्गेंटली बुलाया है क्यूंकि कोई है नहीं मदद करने के लिए. इसी वजह से उन्हे आज शाम से पहले वहां के लिए निकालना होगा बोलकर वो जल्दी जल्दी सामान पैक करने लगी.

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तो मैंने कहा मां आप कितने दिनों तक वहां रहेंगी? तो उन्होंने कहा बेटा पता नहीं कितने दिन लगेंगे वो तो परिस्थितियों पे है. फिर मैंने उनसे कहा कि क्या मैं भी चलूं तो उन्होंने मना करते हुए कहा तू मौसी का ध्यान रखना. इतनी देर में मौसी भी आ गईं और पूछा कहां जाने की बात हो रही है? तो मैंने उन्हे सब बताया तो मौसी भी चिंतित हो गई और मां के साथ उनका सामान पैक करने लगी.

तो मां ने कहा बेटा अब जल्दी कर और मुझे बस स्टैंड तक ले चल. मैंने भी तुरन्त बाइक निकाली फिर मां ने मौसी से कुछ बातें कि फिर हम बस स्टैंड के लिए निकल गए. जहां मां को जाना था वो जगह यहां से 100 कि०मी० कि दूरी पे थी वहां पहुंचते पहुंचते 5 से 6 घंटे लग जाते। मैंने पहुंचते ही वहां पूछताछ कि एक बस कुछ समय में वहां के लिए निकलने वाली थी. तो मैंने मां को बस पर बैठाया और कुछ उनके रास्ते के लिए कुछ सामान खरीद दिया.

फिर 10 मिनट में ही बस निकलने लगी तो मैंने मां से विदा ली और घर आने लगा तभी मुझे कुछ याद आया. और मैं पास एक मेडिकल स्टोर पे रुका और वायग्रा के टैबलेट्स और साथ ही साथ एक पत्ता गर्भ निरोधक गोलियां ले ली जो काम आती। फिर मैं घर पहुंचा और ये दवाइयां वहीं बेड के किनारे रख दी. फिर मौसी के पास गया तो उन्होंने कहा कि मां ठीक से निकल गई वहां के लिए.

तो मैंने हां कहा और बताया कि मां सही तरीके से बस पकड़ कर निकाल चुकी है. फिर मैं धीरे धीरे मौसी के पास आने लगा और उन्हें गले लगाने के लिए अपने पास खींचा. तो उन्होंने मुझे हटाते हुए कहा समीर! जो कुछ होगा रात को होगा बोलकर चली गई. मैं भी मन मारकर कमरे में आया और सोचा थोड़ा आराम कर लूं और बिस्तर पे लेट गया. थोड़े समय में मुझे नींद आ गई फिर मेरी नींद खुली शाम के 7 बजे.

तो मैं जल्दी से उठकर फ्रेश हुआ अब मैं काफी रिलैक्स्ड महसूस कर रहा था. फिर मैं मौसी के पास गया तो देखा वो मौसा से बात कर रही है तो मै हॉल मे आके टी वी देखने लगा. टी वी देखते देखते मेरे मन में विचार आया क्यों ना आज रात मौसी के साथ बिताए पलों को यादगार बनाया जाए. ये सोचकर मैं मार्केट गया और ढेर सारी गुलाब कि पंखुड़ियां खरीदी और साथ साथ कई मोटी खुशबूदार कैंडल्स खरीदी ताकि वो देर तक जलें.

फिर में घर आ गया और उन्हे एक जगह छुपा कर रख दिया मैं मौसी को सरप्राइज़ देना चाहता था. फिर मैं बाथरूम मे घुसा और अपने लन्ड कि अच्छे से सफाई करके सारे बाल हटा दिए और आस पास कि भी सफाई कर ली. अब 8 बज चुके थे लेकिन अभी भी 3 घंटे थे हमारे मिलन मे सो मैं टीवी देखने लगा. तो मौसी ने आकर पूछा समीर आज क्या खायेगा तो मैंने कहा मौसी कुछ भी बना लो.

तो मौसी खाने कि तैयारी करने लगी और मैं टीवी देखने लगा. करीब एक घंटे बाद मौसी ने आवाज़ दी समीर खाना तैयार है जल्दी से आके खा ले. तो मैंने मौसी से कहा मौसी यही ले आइए साथ में खाते है. तो उन्होने हॉल में ही खाना लगा दिया और हम खाने लगे मैंने जल्दी से खाना खाया. फिर कुछ देर में मौसी भी खाना खा कर काम निपटा कर मेरे बगल आके टीवी देखने लगी. टीवी पे एक रोमांटिक मूवी आ रही थी जिसमे किसिंग सीन चल रहा था.

मैंने देखा मौसी ध्यान से उस सीन को देख रहीं थीं मैंने धीरे से एक हाथ उनके कमर के पास लगाया. तो वो मेरे ओर देखकर बोली चल कमरे में चंगे करके आती हूं. अभी तो मैं खुश हो गया और जल्दी से टी वी बंद कि और कमरे में आया. मैंने तुरंत वायग्रा खाया फिर मैंने जल्दी से बिस्तर पर एक सफेद बेडशीट बिछा दी और मैचिंग पिलो कवर्स लगा दिए. फिर मैंने उसपर गुलाब कि पंखुड़ियां बिखेर दी साथ ही एक दिल कि आकृति भी गुलाब कि सहायता से बना दी.

फिर मैंने कैंडल्स सेट करी और उन्हे जला दिया फिर मैं कमरे कि लाइट्स बुझा दी. और मौसी के कमरे में गया कि वो क्या कर रही थी तो मैंने देखा वो एक पारदर्शी नाइटी पहनी हुई थी. और कमरे में आ ही रही थी मैंने उन्हे रोका और फिर उनके पीछे आ कर उनके आंखो को अपने हाथो से अच्छे से ढक लिया. फिर उन्हे चलने को बोला तो उन्होंने बोला समीर ये क्या कर रहे हो? तो मैंने कहा मौसी एक सरप्राइज़ है.

फिर मैं धीरे धीरे कमरे में उन्हे लेकर आया और एक हाथ से दरवाज़ा बंद कर दिया. अब कमरे में पूरा अंधेरा था और सिर्फ कैंडल्स की रोशनी से कमरा जगमगा रहा था. फिर मैं उनके पीछे हो गया और उनके चेहरे से हाथ हटाते हुए कहा मौसी आंखें खोलिए. तो उन्होंने धीरे से आंखें खोली और बोली वाओ समीर तुमने तो काफी इंतजाम किए है मेरे लिए. मैं खुश हुई और मेरा हाथ पकड़ लिया फिर मैंने पीछे से उनकी नाइटी कि डोरी खींच दी.

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जिससे नाईटी उनके शरीर से स्टार किड्स के कैरियर कि तरह गिरते हुए हुए नीचे आ गई. मौसी ने ब्लैक कलर की सेक्सी ब्रा पैंटी पहनी थी जो वो मॉल से लाईं थी. फिर मैंने भी कपड़े उतार दिए और अंडरवियर में आ गया। मौसी का गोरा बदन मोमबत्ती कि रोशनी में चमक रहा था. फिर मैं उनके पास गया और अपनी नाक उनके गर्दन के पास लगा कर उनके बदन कि महक को खुद मे समाते हुए बोला. “Mausi Ki Naram Chut”

मौसी आप तो बहुत ही कातिल लग रही हो अपने हुस्न से ही मेरी जान निकाल लोगी. तो उन्होंने कहा समीर प्लीज़ मुझे मौसी मत बोलो तो मैंने कहा तो फिर किस नाम से पुकारूं. तो उन्होंने कहा जो भी तुम्हे अच्छा लगा तो मैंने कहा अनु कैसा रहेगा? तो उन्होंने कहा हां ये ठीक है तो मैंने उन्हे अपनी गोद में उठाया और बोला चलो अनु आज तुम्हे जन्नत कि सैर करवाऊंगा. फिर मैंने उन्हे बेड पर लिटा दिया और उनके बगल आ गया।

अनु के बगल लेटते ही मैंने गुलाब कि पंखुड़ियां ली और उनके शरीर पर एक एक करके गिराने लगा. अनु के गोरे बदन पे वो पंखुड़ियां बहुत सुंदर लग रही थी. फिर मैं अनु के ऊपर आया और उनके दोनों हाथों को अपने हाथो मे पकड़ लिया. और अनु आंखो मे आंखें डाल कर देखने लगा हम दोनों एक दूसरे कि आंखों में खो गए. सब कुछ जादुई लग रहा था मैंने सोचा ये पल यही रुक जाए। फिर मैं मौसी से लिपट गया.

और हम एक दूसरे को महसूस करने लगे मेरी और अनु की सांसें तेज होने लगी. फिर मैंने धीरे से अपने होंठ अनु के गुलाब कि पंखुड़ियों जैसे नर्म होंठो से सटा दिए. और फिर मैं अनु के होंठो का स्वाद लेने लगा अनु भी मेरे होंठो को चूम रही थी. हम दोनों काफी देर तक एक दूसरे के होंठो का रस पीते रहे. फिर मैंने एक हाथ अनु कि कमर के पास ले गया और उसकी ब्रा निकाल दी. अनु के मीडियम साइज के स्तन मेरे सामने थे.

अनु के स्तन एकदम गोल और निपल्स खड़े थे अनु के निपल्स हल्के भूरे रंग के थे. फिर मैंने अनु के दाएं स्तन को पकड़ा और धीरे धीरे सहलाने लगा. इससे अनु काफी उत्तेजित हो गई और मेरी पीठ में अपने नाखून गड़ाने लगी. फिर मैं अनु के ऊपर आ गया और उसके दाएं स्तन के निप्पल को मुंह में भर कर चूसने लगा. और एक हाथ अनु कि पैंटी के ऊपर रख उसकी चूत मसलने लगा. फिर मैं कुछ देर बाद बाएं स्तन को चूसने लगा. “Mausi Ki Naram Chut”

फिर मैं अनु के शरीर से उतरा और बोला अनु डार्लिंग क्या तुमने कभी अपनी चूत किसी से चटवाई है? तो उसने ना मे सिर हिला दिया तो मैंने कहा आज तुम्हें वो सुख भी दूंगा. ये बोलकर मैं अनु के पैरो के पास आया और अनु कि पैंटी निकाल दी और सूंघने लगा. अनु कि चूत हल्के भूरे रंग कि थी जिसपर हल्के बाल थे और वो ज्यादा ढीली नहीं थी. फिर मैंने एक उंगली अनु कि चूत के पास ले गया और चूत में फिराने लगा.

अनु कि चूत गीली थी फिर मैं अपना मुंह अनु के चूत के पास ले गया. और चूत कि फांकों को खोलकर अपनी जीभ चूत में फिराने लगा इससे अनु को काफी मज़ा आ रहा था. वो मेरा सिर अपनी चूत मैं दबा रही थी फिर मैं अपने मुंह में उसकी चूत को भरकर चूसने लगा. अनु मेरा मुंह लगातार अपनी चूत में दबा रही थी जिससे मुझे सांस लेने में दिक्कत होने लगी. मैंने उसकी टांगों को थोड़ा और फैलाया.

और फिर दुबारा से उसकी चूत चाटने लगा बीच बीच में मैं उसकी क्लिटोरिस को भी दांत से काट लेता. जिससे वो सिहर जाती फिर मैंने अनु कि चूत थोड़ी फैलाई और अपनी जीभ उसकी चूत में अन्दर बाहर करने लगा. और लपलप करके उसकी तेजी से उसकी चूत चाटने लगा. कुछ ही देर में अनु का शरीर बुरी तरह अकड़ने लगा और उसके चूत से रजधार छूट पड़ी. मैंने तुरंत उसके चूत के छेद को अपने होंठो से बंद कर दिया. “Mausi Ki Naram Chut”

और उसकी चूत का पूरा पानी पी गया पानी काफी स्वादिष्ट था. दोस्तो सच बताऊं मुझे अनु की चूत चाटने मे ज्यादा मज़ा आया था अपनी मां पायल के मुकाबले. फिर मैं बिस्तर पर लेट गया और अनु को इशारा किया तो वो उठी और उसने मेरी अंडरवियर निकाल दी. और फिर मेरे लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगी. मेरा लंड ऐसे स्पर्श पाते ही जाग गया फिर अनु ने धीरे से मेरा लंड अपने गले तक उतार लिया.

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और मेरे लंड को चूसने लगी अनु काफी अच्छे से मेरे लंड को चूस रही थी जिससे वो कुछ ही समय में पूरा खड़ा हो गया। अब मैं अनु का सिर पकड़ लिया और धीरे धीरे उसके सिर को नीचे कि तरफ धक्के देता. फिर मैंने कहा अनु चलो 69 ट्राई करते है फिर मैंने उसे कहा कि वो मेरे मुंह के ऊपर अपनी चूत रख कर बैठ जाए. उसने वैसा ही किया फिर वो भी अपने शरीर को एडजस्ट करके मेरा लंड अपने मुंह में भर ली.

और इधर मैं अनु के चूतड़ फैला कर उसकी चूत चाट रहा था. मैंने वायग्रा लिया हुआ था सो मेरे जल्द झड़ने का सवाल ही नहीं उठता. लेकिन मैं पूरे मनोयोग से अनु कि चूत चाट रहा था जिससे कुछ ही समय में अनु कि चूत ने फिर पानी छोड़ दिया. फिर मैंने अनु को अपने ऊपर से हटाया और बेड पर खड़ा हो गया और अनु घुटनों के बल होकर मेरा लंड अपने मुंह में ले रही थी. मैंने अब अनु का सिर पकड़ा और तेज तेज अनु के मुंह में धक्के देने लगा. “Mausi Ki Naram Chut”

मैं अनु के गले तक लंड भर कर धक्के मार रहा था लेकिन अनु भी काफी अच्छे से मेरे धक्कों को रोक रही थी. और अब उसने मेरा लंड एक हाथ से पकड़ा और खुद ही तेज तेज मेरा लंड चूसने लगी. जिससे मेरी चींखें निकलने लगी मैंने लगातार बोल रहा था अनु धीरे आह अनु. लेकिन वो नहीं रुकी और जबरदस्त तरीके से मेरा लंड चूसने लगी. जब मुझे आभास हुआ कि मैं झड़ने के करीब हूं.

तो मैंने अनु का सिर पकड़ लिया और अपनी पूरी ताक़त से अनु का मुखचोदन करने लगा. करीब 10 से 15 तगड़े धक्कों के बाद काफी सारा गरम गरम बीज अनु के मुंह में छूट गया. जिसे वो पी गई लेकिन मेरे कुछ प्रचंड धक्कों को वो सह नहीं पाई और बिस्तर पर लेट कर हांफने लगी. मैं भी अनु के पास लेट गया और उसकी ऊपर नीची होती सांसों को और उसके चकमकते चेहरे को निहारने लगा.

कितनी प्यारी लग रही थी मेरी अनु. मैंने उसे बाहों में ले लिया कुछ देर तक हम एकदूसरे कि बाहों में आराम करते रहे. इस दौरान अनु मेरे लंड को पकड़ कर मालिश करती रही ताकि वो जल्द से जल्द खड़ा हो. फिर उसने मुझसे पूछा समीर तुम्हारा लंड कितना बड़ा होगा तो मैंने कहा अनु इसकी लंबाई 7 इंच है और ये 2 इंच मोटा है. तो अनु चौंक गई और बोली बाप रे!!! समीर तुम्हारा कितना बड़ा तब तो बहुत मज़ा आएगा. “Mausi Ki Naram Chut”

तो मैंने पूछा अनु क्या तुम इसे झेल लोगी तो अनु बोली समीर मुझे इसी का तो इंतज़ार था आज मेरी तड़प मिट जाएगी. फिर कुछ ही देर में मेरा लंड जाग गया और दहाड़ने लगा. फिर मैं बिल्कुल सीधे लेट गया और कहा अनु चलो आज हम काउ गर्ल पोजीशन करते है. फिर मैंने अनु को अपने लंड के ऊपर बैठाया अनु भी अपनी चूत को मेरे लंड पर सेट कर ली. फिर मेरे कहने पे वो धीरे से अपनी चूत पर दबाव देकर मेरे लंड पे बैठ गई.

मेरा लंड फिसलता हुआ अनु कि चूत कि गहराइयों में खो गया फिर मैंने अनु को थोड़ा उठने को बोला. अब मैं नीचे से लेते लेटे अनु कि चूत में लंड अंदर बाहर कर रहा था. फिर कुछ देर बाद अनु मेरे लंड पर कूदने लगा. मैंने उसके दोनों उछलते स्तनों को पकड़ा और और मैं भी नीचे से धक्का मारने लगा. मेरा लिंग इतना बड़ा था साथ ही साथ पूरा लिंग झटके के साथ अनु कि चूत में तेजी से अन्दर बाहर हो रहा था.

इसी कारण अनु ज़ोर ज़ोर से सिसकारियां भर रही थी. उसके मुंह से आह म्म ओह आहृ उफ्फ समीर हहह आह और तेज चोदो मुझे आह समीर अहह कि सिसकारियां निकाल रही थी. मैं भी उसके स्तनों को मसलते हुए तेजी से उसकी रसीली चूत मार रहा था. फिर मैंने उसे घोड़ी बनने को बोला और अनु के चूतड़ों पर कई तमाचे मारे जिससे उसकी गोरी गांड लाल पड़ गई. फिर मैंने अपना लंड कुछ देर चूत पर रगड़. “Mausi Ki Naram Chut”

और एक जबरदस्त धक्का मारते हुए अपना पूरा लंड अनु कि चूत में उतार दिया. अनु के मुंह से एक तेज आह निकल गई फिर मैं अनु के ऊपर चढ़ गया. और जैसे कुत्ते कुतिया के ऊपर चढ़ कर चुदाई करते है मैं भी अनु कि चूत मारने लगा. अनु का पूरा शरीर हिल रहा था और हमारी चुदाई से पूरा बिस्तर हिल रहा था. कुछ देर तक अनु को इस स्थिति मे चोदने के बाद मैंने अपने धक्कों कि गति बढ़ा कि क्यूंकि मैं झड़ने वाला था.

और कुछ धक्कों के बाद मैंने अनु के चूत में गरम गरम वीर्य कि पिचकारी छोड़ दी. और निढाल हो अनु के बगल गिर गया लेकिन अनु थोड़ी चिंतित थी. मैंने अनु से बोला क्या हुआ अनु तुम परेशान हो. तो अनु ने कहा समीर तुमने अपना बीज मेरी चूत में क्यूं छोड़ा अगर बच्चा ठहर गया तो क्या होगा. तो मैंने कहा डोंट वरी बेबी मैंने पिल्स ला दी है खा लेना. फिर मैंने उससे पूछा अनु डार्लिंग मुझे तुम्हारी गांड भी मारनी है.

ये सुनकर अनु डर गई और मुझसे मिन्नते करने लगी और बोली समीर प्लीज़ ये मत करो इसमें बहुत दर्द होता है. तो मैंने कहा नहीं आज तो मैं तुम्हारी इस मदहोश कर देने वाली गांड को मार कर रहूंगा. तो उसने कहा समीर प्लीज़ आज नहीं फिर कभी मार लेना प्लीज़ मान जाओ ना प्लीज़. तो अनु के इतना ज़ोर देने पर मैं मान गया फिर उससे बोला अनु जल्दी से मेरा लंड खड़ा करो. तो अनु जल्दी से मेरा लंड मुंह में भर ली और चूसने लगी. “Mausi Ki Naram Chut”

कुछ देर में पुन: मेरा लंड खड़ा हो गया तो मैंने कहा अनु मुझे अब तुम्हे खड़े होकर चोदना है. फिर मैंने उसे बिस्तर से खींच लिया और उसे दीवार से सटा कर खड़ा कर दिया. फिर मैं उसके आगे आया और अनु के होंठ चूमने लगा. होंठ चूमते चूमते मैंने अपना लंड लिया और अनु कि चूत में फंसा दिया. फिर मैंने अनु कि एक टांग उठाई और उसे खड़े खड़े चोदने लगा. मुझे इस पोजीशन में काफी मज़ा आ रहा था.

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और मैं अनु को ज़ोर ज़ोर से चोद रहा था क्यूंकि चूत का दबाव ज़्यादा था इस वजह से चुदाई में और भी आनंद आ रहा था. करीब आधे घंटे से ज्यादा मैंने अनु को इस पोजीशन में चोदा और अंत में काफी मात्रा मे वीर्य अनु कि चूत में भर गया. इतनी देर कि धकापेल चुदाई के कारण अब मैं थका महसूस कर रहा था. सो मैं अनु को उठाकर बेड पर लिटाया और उसके नग्न शरीर से लिपट कर सो गया।

दोस्तो इसी तरह मैं रोज़ अपनी मौसी अनु के साथ चुदाई करता और हम दोनों जी भरकर सेक्स का आनंद लेते. मौसी भी मेरा पूरा साथ देती और मौसी तो मेरा ये सात इंच का लंड पाकर पागल सी हो गई. वो दिनभर मेरे साथ सेक्स ही करती मां भी इस वक्त बाहर थी. इसी वजह से मैं अपनी अनु के जिस्म को जी भरकर भोगता. इसी तरह हम दोनों एक दूसरे के साथ अपनी वासना कि दुनिया में मगन रहते. “Mausi Ki Naram Chut”

लेकिन फिर मौसी के जाने का दिन आ गया और वो चली गईं मैं थोड़ा उदास हो गया. लेकिन अगले ही दिन मां ने मुझे काल करके बताया कि वो आज ही आएंगी. तो ये सुनकर मेरी बांछे खिल गई और मैं उनके आने का बेसब्री से इंतज़ार करने लगा। समाप्त।

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