XXX Sister Brother Kahani – मेरे लंड की चमड़ी नीचे करने लगी दीदी


XXX Sister Brother Kahani

हाय दोस्तों मै दीपक आप को अपने कहानी जीजा समझ के दीदी मुझसे चुदी की दूसरा भाग लेकर आया हु आप मेरे पहले कहानी में अब तक पढ़ा की कैसे मेरी दीदी मुझसे चुदी अब आगे दूसरा दिन जीजा जी अपने घर चले गये लेकिन दीदी रुक गई और पूरा दीन ठीक से बीता जब रात हुआ तो हम सब खना खा के सोने चले गए और मैं अपने रूम में सों गया. XXX Sister Brother Kahani

करीब दो घंटे बाद दीदी मेरे रुम में आयी और मेरे बेड पर चढ़ के सोने लगी करीब दस मिनट बाद दीदी मेरे लंड पर हाथ आजमाने लगी और धीरे से मेरे लंड को पकड़ी और धीरे धीरे सहलाने लगी अब मेरा लंड कड़क होने लगा जो दीदी समझ गई और अपनी मुठी में पुरा लंड पकड़ी और जोर देते हुए लंड की चमड़ी को नीचे की ओर करने लगी.

एक दम धीरे धीरे करीब एक मिनट में दीदी अपनी मुठी के साथ लंड की चमड़ी को नीचे की ओर करके लंड की ओर झुक गई और अपनी जीभ से लंड की टोपा चाटने लगी करीब दो मिनट के हुआ तभी मेरा लंड झटका दीया और दीदी के मुठि से छूट गया अब तक लंड का साइज इतना मोटा हो गया की दीदी के मुठि में सही से नही आया.

दीदी बार बार मेरे लंड को मुठी में लेने की कोशिश कर रही थी अब दीदी समझ गई थी कि लंड पुरा तैयार है दीदी फिर से लंड की टोपा चाटने लगी और धीरे से लंड को मुँह में डाल ली और अपनी दाँत से लंड की पिंक टोपा को धीरे से काटने और चबाने लगी अब मेरा हालत खाराब होने लगा.

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मैं धीरे धीरे दीदी के मुह में नीचे से झटका दीया दीदी मुँह में लंड डाल ली मैं उसी दौरान एक जोड़दार झटका दीया और पूरा गले तक लंड डाल दिया दीदी घु घी गू गु घी करने लगी करीब दस सेन्केंड तक लंड गले में पुरा घुसा के रखा दीदी छटपटाने लगी.

लेकिन मैं दीदी की बाल को पकड़ के लड़ पर दबा के रखा दीदी अपनी दाँत से लंड को जोर से काटने लगी मुझे दर्द हुआ और मैं दीदी के बाल छोर दीया दीदी तुरंत मुँह से लंड निकली और तेज़ तेज़ साँस लेने लगी मेरे लंड में भी दीदी की दाँत का नीसान पर गया.

करीब दो मिनट बाद दीदी मेरे लंड को धीरे से एक चपात लगाई और मेरे ओर देखि मैं भी दीदी के ओर देखा हम दोनों की नज़रें मिली दीदी मुस्कुराई मैं भी हँस दीया दीदी एक दम सेक्सी स्माइल के साथ मेरे ओर झुक गई.

ओर मैं जबतक समझ पाता दीदी मेरे होठ को अपनी दाँत से पकड़ी और चुसने लगी दीदी को अनुभव बहुत था जिस तरह मेरे होठ चूस रही थी मानो आज दीदी को अमृत मील गया हो मैं भी दीदी के साथ किस करने लगा मैं दीदी की बूब्स को धीरे धीरे दबाते हुए दीदी की होठ चुसने लगा.

करीब दस मिनट के दीदी रुक गई और अपनी नाइटी से (बूब्स) यानी चूची को बाहर निकल दी और मेरे ओर देखि मैं भी दीदी की चूची को मुँह में डाल लिया और चुसने लगा और एक हाथ से दीदी की नाईटी को नीचे से उठाने लगा.

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दीदी मेरे बाल पकड़ के चूची चुसवाने में लगी हुई थी तब तक मैं दीदी की नाईटी को दीदी की कमर तक उठा दीया और धीरे से दीदी की पैंटी को निकालने के लिये हाथ नीचे लाया और मैं पाया कि दीदी पैंटी पहनी ही नहीं है मेरा हाथ सीधे दीदी की (चूत) यानी बुर पर गया दीदी की बुर गीला हो गया था.

मैं धीरे से एक उंगली दीदी की बुर में घुसा दीया दीदी मेरे ओर देखि ओर तुरंत मेरे मुँह से अपनी चूची निकल दी और मुस्कुराती हुई अपनी नाईटी निकालने लगी लेकिन मैं दीदी की बुर में उंगली घुसा के रखा दीदी नाईटी उतार के एक तरफ रख दी.

और मेरे हाथ के उपर अपनी हाथ रख के अपनी बुर से मेरे उंगली को निकाल दी और मुस्कुराती हुई मुझे धका देकर बिस्तर पर गिरा दी और बीना देरी किए मेरे ऊपर चढ़ गई और झुक के मेरे होठ चुसने लगी दीदी पुरा गरम हो गई थी मानो आज दीदी मुझे चोदने आई हो.

मैं भी दीदी का साथ दे रहा था पाँच मिनट खूब होठ चुसाई करने पर थोड़ा थोड़ा दीदी की बुर से पानी निकलने लगा मेरे लंड से भी रिसाव होने लगा दीदी अपनी बाल को आगे करते हुए मेरे होठ को दाँत से पकड़ के मेरे ऊपर बाल कर दिया अब दीदी की बल मुझे ढँक दी और मेरे होठ चुसने में लगी रही.

मैं धीरे से दीदी की चूची को पकड़ के दबाने लगा अब मेरा हाथ सीधे दीदी की चूची की नीपल पर गया मैं जोर से दीदी की नीपल को निचोड़ दीया दीदी एका एक उ मा करते हुए मेरे होठ छोर के उचक गई ओर मेरे पेट पर बैठ गई.

फिर अपनी बाल पकड़ के जुड़ा बनाई और धीरे से थोड़ा ऊपर उठी एक हाथ से मेरे लंड को पकड़ के अपनी बुर में सेट करते हुए लंड पर बैठ गई दीदी की बुर पानी पानी होने के कारण मेरा लंड आसानी से दीदी की बुर में घुसता चला गया मेरा सात इंच का लंड पुरा दीदी के बुर में घुस गया.

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तभी दीदी थोड़ा ऊपर उठी और मेरे ओर देखि और अपनी कमर को धीरे धीरे आगे पीछे कर के मेरे लंड को अरज़ेसट करने लगी जब दीदी मेरे लंड पर बैठती तभी मेरा लंड दीदी की बचेदनी में घुस जाता फिर दीदी थोड़ा ऊपर उठती सायद दीदी की बचेदनी में लंड जाने पर दीदी को दर्द होता था.

दो तीन बार कोशिश की लेकिन दीदी को दर्द होता ही था मैं समझ गया की दीदी भले मैरीड हो लेकिन बड़े लंड को अभी तक सही से खाई नही है मैं दीदी की चूची पकड़ा और अपने ऊपर लेटाते हुए पलटी मारा अब दीदी मेरे नीचे हो गई और मैं दीदी की बुर में लंड घुसाये ही दीदी के उपर हो गया.

अब दीदी भी समझ गई की अब उसकी बुर की कुटाई सही ढंग से होगा दीदी अपनी होठ को मुस्कुराती हुई दाँत से चबाने लगी मैं दीदी की सेक्सी स्माइल देख के पागल होने लगा और दीदी की दोनों चूची पकड़ के लंड को थोड़ा पीछे निकाल के एक जोड़दार धाका मारा और पुरा लंड दीदी की बचेदनी में डाल दिया.

दीदी बहुत जोर से चीलाई अरे मा मर गई रे और छटपटाने लगी लेकिन मैं दीदी की चूची को पकड़ के दाबाए रखा दीदी दीदी सीर्फ उ मा ई माँ करते हुए लंड निकालने की नाकाम कोशिश करती रही अब मैं धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा.

दीदी पाँच मिनट कसमसाई लेकिन अब दीदी भी साथ देने लगी करीब दस मिनट धीरे धीरे चोदने के बाद दीदी नीचे से जोर देने लगी अब मैं भी दीदी की चूची को छोर दीया और दीदी के दोनो तरफ हाथ करके बेड पर वज़न देते हुए दीदी की बुर में लंड की रफ्तार बढ़ा दीया.

दीदी मेरे कमर पकड़ के नीचे से अपनी बुर उठा उठा के चुदवाने लगी करीब दस मिनट घमासान चोदने के साथ दीदी मेरे पीठ पर नाखून चुभाने लगी मैं और जोर जोर से दीदी की बचेदनी तक लंड डाल डाल के दीदी की हालत खाराब करने लगा.

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जैसे ही लंड को दीदी की बचेदनी में घुसाता दीदी मेरे पीठ पर अपनी नाखून चुभा देती थी लेकिन मैं काहा मानने वाला था करीब दस मिनट और चोदने पर दीदी झरने के कगाड़ पर और मैं अभी भी दीदी की बचेदनी में झटका मारे जा रहा था तभी दीदी एक दम से अकर गई और झरने लगी. “XXX Sister Brother Kahani”

मेरा लंड अभी भी दीदी की बचेदनी तक जा रहा था अब दीदी मेरे बाल पकड़ के उझे मुझे अपने ऊपर से उतरने के लिये बोली मैं दीदी से बोला दीदी अभी मेरा तो होने दो लेकिन दीदी नही मान रही थी मैं दीदी से बोला दीदी आपकी हो गई मेरा भी होने दो.

दीदी बोली नही मान मेरी बात नही तो कल से नही दुन्गी मैं दीदी से बहुत रिक्वेस्ट किया लेकिन दीदी नही मानी मैं जबरदस्ती दीदी कोचोदने लगा फिर दीदी कराहते हुए बोली दीपक अब्छोर दे नही तो कल मैं चल भी नही पाऊँगी मैं जल्दी जाने के लिये जोर जोर चोदने लगा.

फिर दीदी बोली दीपक अब छोर दे मॉओ उ मा ई माँ करते हुए दीदी बोली दीपक ला मुह में डाल मैं मुह से तेरा पानी निकाल देती हूँ मैंने भी तुरंत दीदी की बुर से लंड निकल के दीदी की मुह में डाल दिया दीदी धीरे धीरे लंड चुसने लगी लेकिन मेरा पानी निकलने का नाम नही ले रहा था.

पाँच मिनट बाद दीदी मेरे लंड को मुँह से निकाल के बोली ला इसे मुठि मार के सांत कर देती हूँ मैं भी दीदी के हाथ में अपना लंड दे के मुठि मरवाने लगा दीदी मेरे लंड को पकड़ के जोर जोर से हिलाने लगी लेकिन मेरा पता नहीं यूँही आज पानी निकलने का नाम ही नहीं था.

पाँच मिनट बाद दीदी मेरे ओर देखि और लंड हिलाते हिलाते बोली दीपक आज क्या हो गया है तुम्हें पहले दिन तो दास मिनट में ही झर गया था मैं दीदी के मुँह से पहला दिन एक दम से दीदी की ओर देखा और बोला कोन सा पहला दिन तब दीदी बोली जिस दिन जीजा और तुम छत पर सोने गए थे. “XXX Sister Brother Kahani”

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उस दिन तम्हाटे जीजा जी छत पर सोए और तुम उनकी गारी रात भर चलाया तुम्हें कुछ समय बाद पता चला लेकिन जैसे ही उस रात तुम्हारा लंड मैं चुसी तभी मुझे पता चल गया की ओ तुम्हारे जीजा का लंड नही है फिर भी मैं चुसने लगी.

जब तुम्हारे लंड की पानी पी और माँ बुलाने लगी तो मुझे लगा की तुम ज़रूर यहां से चले जावोगे तबी मैं बोली थी की दीपक के लोवर में आज बहुत अच्छा लग रहे हैं लेकिन मैं ये चाहती थी की उस दिन एक बार ज़रूर तुमसे chudu और हुआ भी लेकिन उस दिन तुम बहुत आराम से चोदने के बाद झर गया आज क्या हुआ है.

दीदी अभी भी मेरे लंड को नीचे उपर कर रही थी मैं दीदी की देख के बोला दीदी अब निकलने वाला है मेरा दीदी भी मेरा लंड अपनी मुह में डाल के चुसने लगी और मनचला होते ही दीदी की मुह में झर गया अब दीदी मेरे लंड को पकड़ के साफ़ की और बोला कल से जीतना मन करें उतना चुसना थैंक्स दोस्तों कॉमेंट्स ज़रूर करना.

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